ePaper

Bihar Budget : बिहार में खाद्यान्न उत्पादन 1.64 लाख टन बढ़ा, कोविड-लॉकडाउन में भी नहीं थमी खेती की रफ्तार

Updated at : 28 Feb 2022 10:39 AM (IST)
विज्ञापन
Bihar Budget : बिहार में खाद्यान्न उत्पादन 1.64 लाख टन बढ़ा, कोविड-लॉकडाउन में भी नहीं थमी खेती की रफ्तार

राज्य सरकार ने कृषि एवं समवर्ती क्षेत्र के विकास के लिये प्रौद्योगिकी में सुधार, सुनिश्चित सिंचाई, प्रमाणित बीजों की आपूर्ति, और विस्तार सेवाओं का असर साफ दिख रहा है.

विज्ञापन

पटना. कोविड-19 महामारी और बार- बार लॉकडाउन होने, जलवायु परिवर्तन की समस्या, उच्च लागत मूल्य, छोटी जोत और जमीन पर जनसंख्या के दवाब के बावजूद बिहार में कृषि क्षेत्र ने जबर्दस्त उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है.

बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2021- 22 की रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार ने कृषि एवं समवर्ती क्षेत्र के विकास के लिये प्रौद्योगिकी में सुधार, सुनिश्चित सिंचाई, प्रमाणित बीजों की आपूर्ति, और विस्तार सेवाओं का असर साफ दिख रहा है. हालांकि अकृष्य भूमि (बंजर) का क्षेत्रफल बीते तीन साल में 41.18 लाख हेक्टेयर से बढ़ 42.82 लाख हो गया है. बीते तीन साल में 1.64 लाख हेक्टेयर जमीन बंजर हो गयी. छोटी जोत खेती के लिये घटती जमीन वाले बिहार के लिये यह चिंता की बात है.

राज्य का कुल खाद्यान्न उत्पादन 1.64 लाख टन बढ़ा है. अनाज उत्पादन में 1.71 लाख टन की बढोत्तरी हुई है. अनाज की खेती की उत्पादकता में प्रति हेक्टेयर 325 किलो की वृद्धि हुई है. बिहार में कुल खाद्यान्न उत्पादन 2018-19 में 16.31 लाख टन था जो 4.91 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़कर 2020 21 में 17.95 लाख टन हो गया. वहीं 5.27 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ते हुए कुल अनाज उत्पादन 2018-19 के 15.86 लाख टन के मुकाबले 2020-21 में 17.57 लाख टन हो गया है.

अनाजों की उत्पादकता 2018-19 में 2636 किग्रा प्रति हेक्टेयर थी. 2020-21 में 2961 है. बीते तीन वर्षों में उत्पादन वृद्धि दर की बात करें तो चावल की 9.6 फीसद , मक्का 5.0 और गेहूं 1.3 प्रतिशत है. वर्ष 2020-21 में चावल की उत्पादकता 2447 किग्रा प्रति हेक्टेयर और मक्का की 5229 किग्रा हेक्टेयर रही.

मुख्य बातें

  • मोटे अनाज का कुल उत्पादन 3.55 लाख टन

  • मोटे अनाज उत्पादन की वृद्धि दर – 4.7 प्रतिशत

  • ज्वार उत्पादन की वृद्धि दर- 31.1 प्रतिशत

  • बाजरा उत्पादन की वृद्धि दर – 16.4

दलहन की स्थिति

दलहन की सभी फसलों के उत्पादन का रुझान सरकार को चिंता में डालता है. हालांकि ऊड़द, मूंग और घघरा जैसे खरीफ दलहनों के उत्पादन में वृद्धि हुई है। खरीफ दलहनों की उत्पादकता 2018-19 के 793 किग्रा प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 2020-21 में 896 किग्रा प्रति हेक्टेयर हो गई जो 6.3 प्रतिशत वृद्धि दर दर्शाती है.

फसल उत्पादन : कौन जिला आगे

  • चावल : रोहतास, औरंगाबाद, पश्चिमी चंपारण,

  • गेहूं : बेगूसराय, सारण, रोहतास

  • मक्का : कटिहार,पूर्णिया , बेगूसराय

  • दलहन : पटना, नालंदा , औरंगाबाद

  • ईख : पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर

किस फल की पैदावार में कौन जिला आगे

  • अमररूद : नालंदा, मुजफ्फरपुर, रोहतास

  • आम – दरभंगा, पूर्वी चंपारण , मुजफ्फरपुर

  • लीची : मुजफ्फरपुर

राज्य में किसानों की संख्या श्रेणीवार

  • सीमांत- एक करोड़ 47 लाख 44हजार

  • लघु – नौ लाख 48 हजार

  • लघु मध्यम – चार लाख 15 हजार

  • मध्यम – 81 हजार

  • वृहत – तीन हजार

  • कुल – एक करोड़ 61 लाख 91 हजार

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन