टीएमबीयू में प्रोन्नति प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल: चयन समिति की बैठक में फिजिकल नहीं, ऑनलाइन जुड़ रहे प्रभारी वीसी; चर्चा गर्म

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तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में शिक्षकों की प्रोन्नति को लेकर चयन समिति की बैठकों में प्रभारी कुलपति के ऑनलाइन जुड़ने पर सवाल उठ रहे हैं. यह प्रक्रिया शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. पूर्व कुलपतियों ने भी इस पर आपत्ति जताई है.

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भागलपुर. तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में शिक्षकों की प्रोन्नति को लेकर चल रही स्क्रीनिंग एवं चयन समिति की प्रक्रिया के बीच चयन समिति के चेयरमैन के ऑनलाइन जुड़ने को लेकर सवाल उठने लगे हैं. विश्वविद्यालय में सात सितंबर से लगातार स्क्रीनिंग एवं चयन समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं. सात सितंबर को एक होटल में हुई बैठक में चयन समिति के चेयरमैन सह विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा सशरीर मौजूद थे. इसके बाद हुई बैठकों में उनके ऑनलाइन माध्यम से जुड़ने की बात सामने आयी है.

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इसको लेकर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चा तेज है. हालांकि इस मामले में चयन समिति के चेयरमैन सह प्रभारी कुलपति का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.

आठ विषयों को लेकर हो चुकी हैं चयन समिति की बैठकें

टीएमबीयू में अब तक आठ विषयों में शिक्षकों की प्रोन्नति को लेकर चयन समिति की बैठकें हो चुकी हैं. सात सितंबर को दर्शनशास्त्र, गांधी विचार और अर्थशास्त्र विषयों को लेकर एक होटल में चयन समिति की बैठक हुई थी. इसमें चेयरमैन सशरीर मौजूद थे.

इसके बाद विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस में होम साइंस, ग्रामीण अर्थशास्त्र, गणित, समाजशास्त्र, विज्ञान और आईआरपीएम विषयों को लेकर चयन समिति की बैठकें हुईं. बताया जा रहा है कि इन बैठकों में चयन समिति के चेयरमैन ऑनलाइन माध्यम से जुड़े. प्रोन्नति से जुड़ी यह प्रक्रिया 20 सितंबर तक चलने की बात कही जा रही है.

15 से 20 सितंबर तक मुख्यालय में रहेंगे प्रभारी कुलपति

विश्वविद्यालय की ओर से अनुमंडल पदाधिकारी को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवेदन भी दिया गया है. इसमें कहा गया है कि प्रभारी कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा 15 से 20 सितंबर तक विश्वविद्यालय मुख्यालय में रहेंगे.

विश्वविद्यालय ने प्रशासन से कुलपति के आवासीय कार्यालय और विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस में दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया है. आवेदन में बताया गया है कि सात सितंबर से प्रोन्नति को लेकर लगातार स्क्रीनिंग एवं चयन समिति की बैठकें चल रही हैं.

छात्र संगठन और पेंशनर संघ के धरना-प्रदर्शन का भी जिक्र

विश्वविद्यालय की ओर से प्रशासन को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि बाढ़ का पानी घटने के बाद प्रोन्नति से संबंधित चयन समिति की बैठकें कुलपति आवासीय कार्यालय और विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस में 15 से 20 सितंबर तक प्रस्तावित हैं.

इसी पत्र में छात्र संगठनों और पेंशनर संघ की ओर से अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किये जाने की संभावना का भी उल्लेख किया गया है. इसे देखते हुए विश्वविद्यालय ने कुलपति आवासीय कार्यालय और गेस्ट हाउस में सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है.

पूर्व प्रभारी कुलपति प्रो. एलसी साहा ने उठाया सवाल

टीएमबीयू के पूर्व प्रभारी कुलपति प्रो. एलसी साहा ने कहा कि प्रोन्नति से संबंधित चयन समिति की बैठक में चेयरमैन की मौजूदगी जरूरी है. उनके अनुसार बैठक में कुछ ऐसे विषय और निर्णय होते हैं, जिनमें चेयरमैन की प्रत्यक्ष मौजूदगी आवश्यक होती है. उन्होंने कहा कि चयन समिति की बैठक में ऑनलाइन माध्यम से जुड़ना आधिकारिक रूप से उचित नहीं है.

प्रो. क्षमेंद्र कुमार सिंह ने भी प्रक्रिया पर जतायी आपत्ति

टीएमबीयू के पूर्व प्रभारी कुलपति प्रो. क्षमेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रोन्नति के लिए चयन समिति की बैठक में नियमानुसार चेयरमैन का मौजूद रहना जरूरी है. उनके अनुसार यदि चेयरमैन ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल होते हैं तो इससे प्रोन्नति की प्रक्रिया की वैधता और नियमों के अनुपालन को लेकर सवाल उठ सकते हैं.

ऑनलाइन जुड़ने पर रोक नहीं, लेकिन प्रोन्नति बैठक में चेयरमैन की मौजूदगी जरूरी

छपरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. फारूक अली ने कहा कि सामान्य तौर पर ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़ने पर कोई पाबंदी नहीं है. हालांकि उन्होंने कहा कि प्रोन्नति से संबंधित चयन समिति की बैठक में चेयरमैन की मौजूदगी अनिवार्य है. उन्होंने वर्ष 2023 में 15 फरवरी को लोकभवन के तत्कालीन प्रधान सचिव की ओर से विश्वविद्यालयों को भेजे गये पत्र का भी उल्लेख किया. उनके अनुसार इसमें शिक्षकों की प्रोन्नति को लेकर दिशा-निर्देश दिये गये थे.

चेयरमैन का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर होगी स्पष्ट

प्रोन्नति प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब विश्वविद्यालय प्रशासन और चयन समिति के चेयरमैन का पक्ष महत्वपूर्ण माना जा रहा है. फिलहाल विश्वविद्यालय में आठ विषयों की चयन समिति की बैठकें हो चुकी हैं और प्रक्रिया 20 सितंबर तक चलने की बात कही गयी है. चेयरमैन के ऑनलाइन जुड़ने की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप है या नहीं, इस पर उनका आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.

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