bhagalpur news. विश्वविद्यालय में तिलकामांझी चेयर की होगी स्थापना, बायलॉज का दिया निर्देश

Published by : ATUL KUMAR Updated At : 12 Feb 2026 1:27 AM

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टीएमबीयू के प्रभारी कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा ने कहा कि विश्वविद्यालय में तिलकामांझी चेयर की स्थापना की जायेगी

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टीएमबीयू के प्रभारी कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा ने कहा कि विश्वविद्यालय में तिलकामांझी चेयर की स्थापना की जायेगी. इसके लिए बायलॉज बनाने का निर्देश दिया. विश्वविद्यालय में तिलकामांझी चेयर की स्थापना होने से उनके नाम पर शोध, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा. अकादमिक गतिविधियां बढ़ेगी. यहां के छात्र-छात्राएं शहीद तिलकामांझी के बारे में जान सकेंगे. उक्त बातें बुधवार को विवि गेस्ट हाउस में स्थापित की गयी अमर शहीद तिलकामांझी की प्रतिमा के अनावरण सह जयंती पर वीसी ने कही. कहा की अंग्रेजों के दमनात्मक कदम का तिलकामांझी विरोध करते थे. तिलकामझी के चलते भागलपुर अमर हो गया. तिलकामांझी के कारण विश्व के मानचित्र पर भागलपुर का नाम है, यह गर्व का विषय है. अंग्रेजों और ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ आवाज उठाने वाले पहले योद्धा तिलकामांझी ही थे. तिलकामांझी के पद चिह्नों पर चलने का आह्वान किया. वक्ताओं ने प्रस्ताव रखा कि विश्वविद्यालय में कम से कम एक-एक आदिवासी सिंडिकेट व सीनेट के सदस्य हों. मारवाड़ी कॉलेज के एनसीसी कैडेटों ने डॉ राजेश नंदन के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर दिया. मौके पर विवि के सभी अधिकारी, पीजी विभागों के हेड व कॉलेजों के प्राचार्य आदि मौजूद थे.

प्रोन्नति को लेकर विवि प्रशासन गंभीर

वीसी ने कहा कि शिक्षिकों व कर्मचारियों के प्रोन्नति को लेकर विवि प्रशासन गंभीर है. प्रक्रिया चल रही है. अभी तक छात्रों के 12 से 14 हजार डिग्रियां साइन कर चुके हैं. उनके यहां कोई भी फाइल पेंडिंग नहीं रहता है. प्रभारी वीसी ने विशेष रूप से सिंडिकेट सदस्य सह प्रतिमा स्थापना समिति के महासचिव डॉ मृत्युंजय सिंह के प्रति आभार जताया.

तिलकामांझी ने अपने शौर्य का दिया था परिचय

प्रतिमा स्थापना समिति के महासचिव सह सिंडिकेट सदस्य डॉ मृत्युंजय सिंह गंगा ने कहा कि तिलकामांझी ने अपने शौर्य का परिचय दिया है. गेस्ट हाउस में तिलकामांझी की मूर्ति लगने से टीएमबीयू की ख्याति और बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि एमएलसी डॉ संजीव कुमार सिंह ने विवि द्वार बनाने के लिए 25 लाख दिये हैं, जो स्वागत योग्य कदम है. कहा कि विवि में तिलकामांझी पीठ बने, तो यहां शोध व नवाचार को बढ़ावा मिलेगा.

कार्यक्रम को इन्होंने किया संबोधित

सिंडिकेट सदस्य सह प्रतिमा स्थापना समिति के अध्यक्ष डॉ शंभु दयाल खेतान, डॉ मुश्फिक आलम, महादेव मंडल, पूर्व प्रॉक्टर डॉ बिलक्षण रविदास, डॉ केके मंडल, प्रो उग्रमोहन झा, डॉ गौरी शंकर डोकानिया आदि ने कार्यक्रम को संबाेधित किया.

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