सुहागिनों ने वट-सावित्री पूजा करते हुए अखंड सुहाग की कामना की

Updated at : 06 Jun 2024 9:04 PM (IST)
विज्ञापन
सुहागिनों ने वट-सावित्री पूजा करते हुए अखंड सुहाग की कामना की

जिले में विभिन्न जगहों पर सुहागिन महिलाओं वट सावित्री पूजा कर अखंड सुहाग की कामना की.

विज्ञापन

जिले में विभिन्न जगहों पर सुहागिन महिलाओं वट सावित्री पूजा कर अखंड सुहाग की कामना की. सुहागिनों ने वट वृक्ष को आम, लीची समेत मौसमी फल अर्पित कर, कच्चा धागा बांध आस्था के साथ वट वृक्ष की परिक्रमा की. पूजा के बाद वट सावित्री कथा भी सुनीं. सुहागिन महिलाओं ने पूजा की थाली सजाकर वट वृक्ष की 12 बार परिक्रमा की और फल-फूल चढ़ाकर सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु की कामना की. बड़ी खंजरपुर बड़गाछ चौक, बरारी बड़गाछ चौक, आदमपुर चौक मंदिर परिसर, अलीगंज स्पिनिंग मिल परिसर, तिलकामांझी चौक, विश्वविद्यालय जुगल बड़ चौक, बूढ़ानाथ मंदिर के समीप, शिवशक्ति मंदिर समेत अन्य स्थानों पर बरगद के पेड़ की पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की. सुहागिनों ने वट सावित्री व्रत रख कर अपने सुहाग की रक्षा की कामना की. सिपेट कॉलेज, स्पिनिंग मिल परिसर, अलीगंज में वट वृक्ष की पूजा-अर्चना करने के लिए साधना मिश्रा, दीपा तिवारी एवं अन्य महिलाओं ने विधि-विधान किया. पूजा करने के बाद वृक्षों को कच्चे धागे से लपेटा और वृक्ष की परिक्रमा की. आदमपुर सीसी मुखर्जी लेन की नीलू सिंह ने कहा कि सबसे पहले वट सावित्री व्रत को लेकर पूजा- अर्चना की और पति के दीर्घायु होने के लिए कामना की. वहीं सराय की शीलू कुमारी ने कहा कि हिंदू मान्यता के अनुसार वट वृक्ष के जड़ में ब्रह्मा, तने में विष्णु एवं पत्तियों में देवाधिदेव वैज्ञानिक शिव का वास होता है. जटाएं देवी सावित्री का प्रतीक चिह्न है. इसलिए वटवृक्ष के दर्शन का फल त्रिदेव दर्शन के बराबर होता है. देवी सावित्री ने बरगद वृक्ष के नीचे अपने पति को जीवित किया था. तभी से विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए वट सावित्री व्रत-पूजा करती आ रही हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन