bhagalpur news. टीएमबीयू में नवनियुक्त सभी शिक्षकों के अनुभव प्रमाणपत्र की होगी जांच, कमेटी गठित

Author Atul kumar
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bhagalpur news. टीएमबीयू में नवनियुक्त सभी शिक्षकों के अनुभव प्रमाणपत्र की होगी जांच, कमेटी गठित

टीएमबीयू में नवनियुक्त सभी शिक्षकों के अनुभव व दिव्यांगता प्रमाणपत्र की जांच होगी. इसे लेकर विवि प्रशासन ने कमेटी गठित कर दी है

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टीएमबीयू में नवनियुक्त सभी शिक्षकों के अनुभव व दिव्यांगता प्रमाणपत्र की जांच होगी. इसे लेकर विवि प्रशासन ने कमेटी गठित कर दी है. बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से एक दर्जन से अधिक विषयों में नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर ने विवि में सेवा दे रहे हैं. कुछ विषय के शिक्षकों की पोस्टिंग बाकी है. दरअसल, उच्च शिक्षा विभाग ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों को पत्र भेजकर उन शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच कर पोस्टिंग का निर्देश दिया था. विवि के एक अधिकारी ने कहा कि तत्कालीन कुलपति प्रो जवाहर लाल के कार्यकाल में कई विषयों के नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर की काउंसलिंग व इंटेरेक्शन किया गया. इसके बाद उनलोगों की पाेस्टिंग कर दी गयी. जबकि उच्च शिक्षा विभाग से प्राप्त पत्र में स्पष्ट कहा गया था कि दस्तावेजों की जांच संबंधित विवि व कॉलेजों से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पोस्टिंग की जाये. कहा कि उस प्रक्रिया के तहत विवि में कार्यरत सभी नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों की जांच करायी जा रहा है.

आयोग को मिली शिकायत, फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र दिखाया

समाजशास्त्र अभ्यर्थी सह बिहार प्रदेश अतिथि व्याख्याता संघर्ष समिति अध्यक्ष डॉ अजीत कुमार सोनू ने कहा कि आयोग द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति की गयी है. शैक्षणिक दस्तावेज के नाम पर अनुभव व दिव्यांगता प्रमाणपत्र में फर्जीवाड़ा सामने आया है. इस बाबत आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग से पूरे मामले की जांच कराकर रिपोर्ट मांगी है, लेकिन टीएमबीयू प्रशासन द्वारा जांच की प्रक्रिया में लेटलतीफी की जा रही है.

कमेटी से जांच कर मांगी गयी रिपोर्ट – रजिस्ट्रार

विवि के रजिस्ट्रार प्रो रामाशीष पूर्वे ने कहा कि विवि प्रशासन के आदेश के बाद तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गयी है. इसमें डीन प्रो सीपी सिंह, प्रो निसार अहमद व डॉ लक्ष्मी पांडे हैं. कमेटी से जांच कर रिपोर्ट मांगी गयी है. कहा कि संबंधित विवि व कॉलेजों से संपर्क कर उनके अनुभव व दिव्यांगता प्रमाणपत्र की जांच करायी जायेगी. रिपोर्ट के उपरांत आगे की कार्रवाई की जायेगी. कहा कि होमसाइंस, संगीत व संस्कृत में मिले असिस्टेंट प्रोफेसर के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच के बाद पोस्टिंग की जायेगी.

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