एग्जाम फोबिया : परीक्षा में सफलता के लिए स्ट्रेस जरूरी, लेकिन माइंडसेट पॉजिटिव रखें
Dr. AK Bhagat, Chairman of the Psychiatry Department of JLNMCH, gave advice.
बिहार बोर्ड, सीबीएसइ व आइसीएसइ की 10वीं व 12वीं की फाइनल परीक्षाएं फरवरी से शुरू होने वाले हैं. शेष बचे डेढ़ माह को ध्यान में रखकर जिले के सवा लाख से अधिक परीक्षार्थी तैयारियों में जी-जान से जुटे हुए हैं. दिन-रात पढ़ाई के दौरान छात्रों को मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. किसी छात्र को अवसाद तो किसी की रातों की नींद उड़ गयी है. छात्रों की भूख प्यास भी काफी कम हो गयी. बच्चे विभिन्न बीमारियों से भी पीड़ित हो रहे हैं. मामले पर जेएलएनएमसीएच के मनोरोग विभाग के अध्यक्ष डॉ एके भगत ने परामर्श दिया है.
आपके शहर में
अभिभावक व शिक्षक अपने छात्रों से करें बातचीत : मनोरोग विभाग के अध्यक्ष डॉ एके भगत के अनुसार बच्चों के अभिभावक व उनके शिक्षकों की भी बड़ी जिम्मेदारी है. बच्चों को समझाये कि एक परीक्षा में कम अंक आने से कॅरियर खत्म नहीं होता है. अगली परीक्षा के लिए सालों भर की तैयारी के लिए योजना तैयार करें. बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष रूप से ध्यान दें. जरूरत पड़ने पर मनोचिकित्सक से संपर्क करें.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए