"घर जललै त कि दमकल त देखलियै ?" राघोपुर में बाढ़ की तबाही के बीच अफसरों की भारी फौज देख ग्रामीणों का तीखा कटाक्ष
फोटो- महादेवपुर घाट चौक पर दुकान हटाता दुकानदार
गंगा के बढ़ते जलस्तर से राघोपुर क्षेत्र में नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. कई दुकानदार अपनी दुकानें हटाकर सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं. महादेवपुर का स्नान और श्मशान घाट पूरी तरह डूब गया है.
भागलपुर, राघोपुर. गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बाद राघोपुर क्षेत्र में नदी किनारे रहने और कारोबार करने वाले लोगों की चिंता बढ़ गयी है. शुक्रवार को जाह्नवी चौक जाने वाली सड़क किनारे बने होटल और नाश्ते की दुकानों को दुकानदारों ने खुद हटाना शुरू कर दिया. अलालपुर निवासी होटल संचालक उमेश साह ने बताया कि करीब दर्जनों दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों को सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं. लोगों को आशंका है कि जलस्तर और बढ़ा तो सड़क किनारे की अन्य दुकानों पर भी संकट गहरा सकता है.
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महादेवपुर स्नान घाट और श्मशान घाट पूरी तरह डूबे
गंगा का पानी बढ़ने से महादेवपुर स्नान घाट और श्मशान घाट पूरी तरह डूब चुके हैं. स्नान के लिए घाट पहुंच रहे लोगों को प्रशासन वापस कर रहा है. सुरक्षा को देखते हुए घाट पर चेतावनी बोर्ड भी लगाया गया है. प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और डूबे हुए घाट के आसपास जाने से बचने की अपील की जा रही है.
पंद्रह-बीस दिनों से चल रहा फ्लड फाइटिंग का काम
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में करीब 15 से 20 दिनों से फ्लड फाइटिंग का काम चल रहा है. लोगों ने राहत और बचाव कार्य को संतोषजनक बताया. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग की गतिविधियां पहले की तुलना में अधिक दिखाई दे रही हैं और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है.
राघोपुर हाट में रेडियो सुनते दिखे बुजुर्ग
राघोपुर हाट में शुक्रवार को कुछ बुजुर्ग एक दरवाजे पर बैठकर रेडियो सुनते नजर आये. वहीं महादेवपुर घाट जाने वाले मार्ग पर ग्रामीणों के बीच बाढ़ और प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर चर्चा होती रही. एक व्यक्ति ने स्थानीय अंदाज में कटाक्ष करते हुए कहा कि गांव में इस बार काफी अफसर उतरे हैं, इतने अफसर पहले कभी नहीं देखे थे. इस पर दूसरे व्यक्ति ने जवाब दिया कि जब घर जला तो दमकल भी देखने को मिला.

ग्रामीण बोले, कटाव का भय टला लेकिन खतरा पूरी तरह खत्म नहीं
राघोपुर निवासी अनिल कुमार पंकज ने बताया कि कटाव को लेकर फिलहाल भय कुछ कम हुआ है, लेकिन जब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ जाती, तब तक कुछ भी कहना मुश्किल है. उन्होंने कहा कि नदी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने की जरूरत है, क्योंकि जलस्तर और कटाव में बदलाव से परेशानी फिर बढ़ सकती है.
महादेवपुर से बिहपुर तक सड़क निर्माण की उठी मांग
अनिल कुमार पंकज ने महादेवपुर घाट से लत्तीपुर की पुरानी परित्यक्त रेलवे लाइन होते हुए बिहपुर तक सड़क निर्माण की मांग की. उनका कहना है कि इस मार्ग के विकसित होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी. बाढ़ और कटाव जैसी स्थिति में वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी यह सड़क ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है.
सामुदायिक रसोई में लोगों को मिल रहा भोजन
क्षेत्र में राहत व्यवस्था के तहत सामुदायिक रसोई भी संचालित है. शुक्रवार को यहां लोग भोजन करते नजर आये. बाढ़ प्रभावित और जरूरतमंद लोगों के लिए सामुदायिक रसोई राहत का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई है. ग्रामीणों ने राहत और बचाव कार्य को जारी रखने के साथ नदी की स्थिति पर लगातार निगरानी की मांग की है.
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