महंगाई की मार से बिगड़ा रसोई का बजट; आटा, दाल से लेकर तेल-मसाले हुए महंगे, त्योहारों से पहले बढ़ी चिंता
गोपालपुर किराना दुकान का फोटो | Prabhat Khabar Network
भागलपुर जिले में खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जेब पर भारी असर डाला है. सावन और आगामी त्योहारों के सीजन से पहले आटा, चावल, दाल, तेल और मसालों के दाम में आई तेजी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. बाजारों में खरीदारी का पैटर्न बदला है और गृहिणियों को गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है.
भागलपुर जिले के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण व शहरी बाजारों में खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है. सावन के महीने और आगामी पूजा-त्योहारों के सीजन से ठीक पहले आटा, चावल, दाल, खाद्य तेल और मसालों के दाम में आई तेजी ने मध्यम व निम्न आय वर्ग के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. लगातार बढ़ते दामों के कारण आम घरों की रसोई का मासिक बजट पूरी तरह चरमरा गया है.
नवगछिया बाजार में खरीदारी का बदला पैटर्न
नवगछिया बाजार के किराना कारोबारियों के अनुसार, थोक मंडियों से ही सामान ऊंचे दामों पर मिल रहा है. परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन) खर्च में वृद्धि और पीछे से आपूर्ति प्रभावित होने के कारण खुदरा विक्रेताओं को भी कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ रहा है:
- कम मात्रा में खरीदारी: व्यापारियों का कहना है कि महंगाई के कारण ग्राहकों की क्रय शक्ति घटी है. जो लोग पहले पूरे महीने का राशन एक साथ खरीद लेते थे, वे अब केवल एक-दो हफ्ते या जरूरत के हिसाब से कम मात्रा में सामान ले जा रहे हैं.
- छोटे कारोबारियों का मुनाफा घटा: क्षेत्र के छोटे होटल, चाय-नाश्ता और भोजनालय संचालकों का कहना है कि कच्चे माल की लागत बढ़ने के बावजूद वे भोजन व नाश्ते के दाम तुरंत नहीं बढ़ा पा रहे हैं, जिससे उनका मुनाफा लगातार घट रहा है.
प्रमुख खाद्य वस्तुओं के दामों की तुलनात्मक रिपोर्ट
स्थानीय किराना बाजारों में प्रमुख खाद्य सामग्रियों की कीमतों में आए उछाल का विवरण:
| वस्तु | पहले की कीमत (₹) | वर्तमान कीमत (₹) | प्रति किलो/लीटर वृद्धि |
| आटा | ₹30 | ₹35 | ₹5 |
| चावल | ₹50 – ₹100 | ₹60 – ₹120 | ₹10 – ₹20 |
| अरहर दाल | ₹100 – ₹130 | ₹110 – ₹150 | ₹10 – ₹20 |
| मसूर दाल | ₹100 | ₹130 | ₹30 |
| सरसों तेल (प्रति लीटर) | ₹170 | ₹190 | ₹20 |
| चीनी | ₹40 | ₹54 | ₹14 |
गृहिणियों ने गैर-जरूरी खर्चों में की कटौती
क्षेत्र की गृहिणियों का कहना है कि हर रसोई सामग्री की कीमत में ₹5 से लेकर ₹30 तक की बढ़ोतरी हो चुकी है. इससे मासिक बजट को संतुलित रखना बेहद मुश्किल हो गया है, जिसके कारण मजबूरी में अन्य घरेलू व गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है.
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि त्योहारों से पहले जमाखोरी पर रोक लगाते हुए आवश्यक वस्तुओं की दरों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके.
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