बूढ़ानाथ मंदिर के सामने खड़ा सूखा पेड़ दे रहा हादसे को न्योता
बूढ़ानाथ मंदिर में अधूरा सूखा पेड़ अब भी डरा रहा. | Prabhat Khabar Network
भागलपुर के बूढ़ानाथ मंदिर के पास एक विशाल सूखा पेड़ लगातार हादसों को न्योता दे रहा है. पिछले आंधी में पेड़ का एक हिस्सा गिर चुका है, लेकिन बाकी बचा आधा पेड़ हजारों श्रद्धालुओं के लिए खतरा बना हुआ है. स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
भागलपुर के सुप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक बाबा बूढ़ानाथ मंदिर के मुख्य द्वार के ठीक सामने स्थित एक पुराना और विशाल सूखा पेड़ पिछले कई महीनों से हादसों को न्योता दे रहा है. लगभग दो महीने पहले आई तेज आंधी में इस विशाल पेड़ का आधा हिस्सा टूटकर गिर गया था, जिसमें स्थानीय दुकानदार और श्रद्धालु बाल-बाल बच गए थे. वन विभाग व नगर निगम द्वारा गिरे हुए हिस्से को तो हटा दिया गया, लेकिन अब भी खड़ा आधा सूखा पेड़ सावन के इस पवित्र महीने में रोजाना आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए बड़े खतरे का सबब बना हुआ है.
व्यस्ततम मार्ग पर प्रशासन की घोर उदासीनता
बूढ़ानाथ मंदिर का यह मुख्य मार्ग केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आम आवाजाही के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है:
- भारी आवाजाही: मुख्य द्वार के पास दुर्गा मंदिर सहित कई अन्य देवस्थान हैं. इसके अलावा बूढ़ानाथ पार्क और स्थानीय मंडी जाने का मुख्य रास्ता भी यहीं से होकर गुजरता है.
- दुकानदारों में रोष: स्थानीय दुकानदारों (नितिन भुवानिका, राकेश कुमार, मृत्युंजय राय, शिवशंकर, रवि, विशाल, ओमप्रकाश मंडल, दीपक सिंह) का कहना है कि वे कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें दर्ज करा चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित है.
मंदिर प्रबंधन की प्रतिक्रिया
बाल्मिकी सिंह (प्रबंधक, बूढ़ानाथ मंदिर): "जिला प्रशासन और वन विभाग को कई बार आवेदन देकर इस खतरनाक सूखे पेड़ को कटवाने की मांग की गई है. आंधी में पेड़ का हिस्सा गिरने के बाद से श्रद्धालुओं में भय का माहौल है. यह बाबा बूढ़ानाथ की कृपा ही है कि अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन खतरा लगातार बना हुआ है."
शहर में पहले भी हो चुके हैं पेड़ गिरने से दर्दनाक हादसे
भागलपुर शहर में सूखे व जर्जर पेड़ों के न काटे जाने के कारण पूर्व में भी कई गंभीर दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं:
- मई 2026 (पुलिस लाइन): पुलिस लाइन के पीछे टोटो सवार महिला पर पेड़ गिर गया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं.
- एसडीओ कार्यालय परिसर: दो माह पूर्व आंधी में विशाल पेड़ गिरने से बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त हो गई थी और रास्ता बाधित रहा था.
- एसडीओ कोर्ट के समीप (7 वर्ष पूर्व): पेड़ गिरने की एक दर्दनाक घटना में दो सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई थी.
ऐतिहासिक बूढ़ानाथ शिव मंदिर का धार्मिक महत्व
जोगसर-आदमपुर थाना क्षेत्र में गंगा तट पर स्थित बाबा बूढ़ानाथ मंदिर पूरे पूर्वी बिहार के सबसे प्रमुख शिवधामों में से एक है. भागलपुर जंक्शन से महज 1.6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस मंदिर में सावन और महाशिवरात्रि के दौरान लाखों की संख्या में कांवड़िए और श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए आते हैं.
ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है कि किसी अप्रिय घटना से पहले इस खतरनाक पेड़ को तुरंत कटवा कर हटाया जाए.
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लेखक के बारे में
By दीपक कुमार राव
दीपक कुमार राव प्रिंट माध्यम में 18 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 वर्षों से एक्टिव हैं. प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, कला-संस्कृति व सामाजिक कार्य में रुचि रखते हैं.
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