भागलपुर में मानसून मेहरबान: खेतों में लौटी हरियाली, 26 जुलाई तक झमाझम बारिश के आसार; सावन में कांवरियों को भी मिलेगी राहत

विज्ञापन

Ai Image

भागलपुर और आसपास के इलाकों में मानसून की सक्रियता से खेतों में हरियाली लौट आई है. 26 जुलाई तक बारिश जारी रहने का अनुमान है, जिससे किसानों को धान की रोपाई में मदद मिल रही है. सावन माह में देवघर जाने वाले कांवरियों के लिए भी यह मौसम सुखद रहेगा.

विज्ञापन

रेशमी शहर भागलपुर और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से मानसून पूरी तरह मेहरबान और सक्रिय बना हुआ है. लगातार हो रही बारिश से जहां आम लोगों को भीषण गर्मी और उमस से निजात मिली है, वहीं सबसे ज्यादा राहत जिले के अन्नदाताओं (किसानों) को पहुंची है. खेतों में पानी भर जाने से किसान अब तेजी से धान की रोपनी में जुट गए हैं. उधर, 30 जुलाई से शुरू हो रहे पवित्र सावन माह में सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगाजल लेकर बाबाधाम देवघर जाने वाले कांवरियों के लिए भी यह मानसूनी फुहारें बेहद राहत भरी साबित होने वाली हैं.

आपके शहर में

विज्ञापन

22 से 26 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम? (BAU सबौर का पूर्वानुमान)

बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर द्वारा भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के हवाले से जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 26 जुलाई तक जिले में मानसून की सक्रियता बनी रहेगी:

  • बादल और बारिश: 22 से 26 जुलाई के दौरान आसमान में घने काले बादल छाए रहेंगे और कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है.
  • तापमान: अधिकतम तापमान 28 से 30°C और न्यूनतम तापमान 26 से 27°C के बीच बना रहेगा.
  • आर्द्रता (Humidity): सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 80-90% तथा दोपहर में 70-80% रहने का अनुमान है.
  • हवा की गति: इस दौरान 10 से 15 किमी/घंटा की रफ्तार से ठंडी पुरवा हवाएं (Easterly winds) चलेंगी.

धान की रोपाई में आई तेजी, कृषि वैज्ञानिकों की किसानों को सलाह

हालिया बारिश से सूखे खेतों में रौनक लौट आई है. कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को वर्षा जल का अधिकतम लाभ उठाने और तेजी से रोपाई करने की सलाह दी है:

  • उर्वरक की सही मात्रा (प्रति हेक्टेयर): धान की रोपाई से पहले खेत तैयार करते समय प्रति हेक्टेयर 25-30 किग्रा नाइट्रोजन, 40 किग्रा फॉस्फोरस, 30 किग्रा पोटाश और 25 किग्रा जिंक सल्फेट का प्रयोग करें.
  • वर्षा जल संचयन (Water Harvesting): निचली जमीन (Lowland) वाले खेतों के चारों तरफ मजबूत मेढ़ (बांध) बनाएं ताकि बारिश का पानी खेत में जमा रहे और बाद में सिंचाई के काम आ सके.

सावन में कांवरियों के लिए सुहाना रहेगा सफर

इस वर्ष 30 जुलाई से शुरू हो रहे पावन सावन महीने के दौरान भी मानसून के पूरी तरह सक्रिय रहने का अनुमान है. सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ धाम से गंगाजल भरकर बाबा बासुकीनाथ व देवघर (बाबाधाम) की ओर पैदल प्रस्थान करने वाले लाखों श्रद्धालुओं और कांवरियों के लिए बारिश और ठंडी हवाएं वरदान साबित होंगी. कड़ी धूप न होने और बादलों की छांव रहने से कांवर यात्रा सुगम और आनंददायक बनेगी.

Also Read: राज्यसभा पहुंचे नीतीश कुमार, पहले दिन क्या-क्या हुआ? उपराष्ट्रपति से भी की मुलाकात

Also Read: प्रशांत किशोर के खिलाफ इलेक्शन कमीशन पहुंची भाजपा, चुनाव में करोड़ों रुपये खर्च करने और AI-बॉट्स से प्रचार का आरोप


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन