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मृत बच्ची को कब्र से निकाल इलाज के लिए पहुंचाया अस्पताल, हंगामा

Updated at : 23 Jun 2024 1:42 AM (IST)
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मृत बच्ची को कब्र से निकाल इलाज के लिए पहुंचाया अस्पताल, हंगामा

दर्श थाना नवगछिया क्षेत्र की एक बच्ची की बीमारी से शुक्रवार को मौत हो गयी

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आदर्श थाना नवगछिया क्षेत्र की एक बच्ची की बीमारी से शुक्रवार को मौत हो गयी, जिसे अस्पताल से वापस लाकर परिजनों ने मिट्टी में दफन भी कर दिया था. इधर, शनिवार को खुद को तांत्रिक बताने वाली ग्रामीण महिला ने दावा किया कि बच्ची जिंदा है, उसे अस्पताल ले जाओ. महिला के बहकावे में आए परिजन दिन के करीब एक बजे उसे कब्र से निकाल कर अनुमंडल अस्पताल नवगछिया ले गये. तांत्रिक महिला अस्पताल में ही बेड पर बच्ची को झाड़-फूंक करने लगे. इसी दौरान डॉक्टर ने बच्ची को मृत बताया जिस कारण परिजनों ने हो-हंगामा शुरू कर दिया. तिलकामांझी चौक स्थित एक निजी अस्पताल में बच्ची मृत घोषित कर दिया गया था जानकारी के अनुसार नवगछिया आदर्श थाना क्षेत्र के नोनियापट्टी के भगवाना महतो की 10 महीने की पुत्री हंसिका कुमारी का पिछले दो दिनों से नवगछिया के एक निजी क्लिनिक में इलाज चल रहा था. शुक्रवार को उसकी तबीयत ज्यादा खराब होने पर परिजन भागलपुर के तिलकामांझी चौक स्थित एक निजी अस्पताल लेकर गये, जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया. मिट्टी में दफन कर देने के बाद झाड़-फूंक करने वाली महिला सोनी देवी ने दावा किया कि बच्ची जिंदा है. जिसके बाद काफी संख्या में ग्रामीण बच्ची को कब्र से निकाल कर अनुमंडल अस्पताल लेकर चले गये थे. सोनी देवी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ही बच्ची का फूल और पानी से झाड़-फूंक करने लगी. तभी हंगामा की स्थिति उत्पन्न हुई. अस्पताल प्रबंधक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया और झाड़-फूंक करने वाली महिला को हिरासत में ले ली. बच्ची को आयी बुखार का इलाज करा रहे थे परिजन मृत बच्ची के पिता भगवान महतो ने कहा कि बच्ची को बुखार थी. नवगछिया के डॉ चंदन के यहां इलाज चला. तबीयत ज्यादा खराब हो गयी, तो भागलपुर लेकर गये थे. जहां मृत घोषित कर दिये जाने के कारण लौट कर दफना दिये थे. इधर, अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ बी दास ने बताया कि परिजन व ग्रामीण बच्ची की इलाज करने कहने लगे. चिकित्सक ने जांच की, तो बच्ची की मौत पूर्व में ही हो गयी थी. झाड़-फूंक करने वाली महिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ही बच्ची का झाड़-फूंक करने लगी. जब चिकित्सक ने मृत बताया, तो परिजन व ग्रामीण हंगामा करने लगे. पुलिस ने परिजन को समझा-बुझाकर शांत कराया और हंगामा कर रहे ग्रामीणों को अस्पताल से भगाया. थानाध्यक्ष रवि शंकर सिंह ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने हंगामा करने वाले नोनियापट्टी के ग्रामीणों को समझा-बुझा कर शांत कराया.

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