bhagalpur news. रेस्टोरेंट का शटर गिरना हुआ शुरू, उपभोक्ता गैस सिंलिडर नहीं मिलने से परेशान

भागलपुर में एलपीजी गैस सिलिंडर की किल्लत जारी है. इसका असर यहां के जनजीवन पर पड़ रहा है.
भागलपुर में एलपीजी गैस सिलिंडर की किल्लत जारी है. इसका असर यहां के जनजीवन पर पड़ रहा है. गुरुवार को भागलपुर के विभिन्न क्षेत्र में कई रेस्टोरेंट का शटर गिरा मिला, तो भोजनालय में घरेलू सिलिंडर का इस्तेमाल होना शुरू हो गया है. इतना ही नहीं लॉज व हाॅस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों को सिलिंडर में गैस भरवाने के लिए दोगुनी कीमत चुकानी पड़ रही है. इंडेन गैस एजेंसी के मैनेजर रवि कुमार ने बताया कि उनके यहां पांच मार्च तक की बुकिंग वाले उपभोक्ता को सिलिंडर उपलब्ध कराया जा रहा है. पहले प्रतिदिन एलपीजी सिलिंडर की गाड़ी आती थी. अब तीन दिन में गाड़ी पहुंच रही है. ऐसे में उपभोक्ताओं को घरेलू सिलिंडर उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है. हालांकि ऊपर से आश्वासन मिला है कि शीघ्र स्थिति सामान्य हो जायेगी. शहर के विभिन्न गैस एजेंसी कार्यालय में उपभोक्ताओं की कतार लग रही है. खरमनचक, सीसी मुखर्जी लेन, घंटाघर चौक, भीखनपुर त्रिमूर्ति चौक समेत अन्य स्थानों पर कई रेस्टोरेंट व भोजनालय में गैस की किल्लत के कारण शटर गिरा हुआ मिला. स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक इस तरह शटर गिरने की वजह गैस की किल्लत ही हो सकती है. हालांकि यहां किसी तरह की सूचना नहीं चिपकायी गयी है. शहर में 10 फीसदी से अधिक रेस्टोरेंट अघोषित बंद हो गये हैं. कई नामी रेस्टोरेंट को लेकर दिनभर बंद होने की अफवाह फैलती रही. हालांकि संचालक ने रेस्टोरेंट बंद करना स्वीकार नहीं किया. वेराइटी चौक समीप रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि उनके यहां तीन से चार दिन तक समोसा व अन्य आइटम तैयार करना बंद हो गया था. लेकिन अब अन्य विकल्प बिजली व डीजल से चलने वाले चूल्हा से सभी तरह के व्यंजन तैयार किये जायेंगे. उनके पास पुरानी व्यवस्था पड़ी हुई, जिसे बहाल करने में चार दिन लग गये. उन्हें बहुत प्रयास करने पर भी गैस सिलिंडर नहीं मिला. वहीं आदमपुर स्थित एक रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि उन्होंने कोयला व अन्य साधन से अपना रेस्टोरेंट चालू रखा है. अब तक गैस का स्टॉक था. शहर में 50 फीसदी से अधिक रेस्टोरेंट व भोजनालय में कोयला से चूल्हा जलाना शुरू कर दिया गया है. लॉज में रहने वाले विद्यार्थी परेशान उर्दू बाजार स्थित लॉज में रहने वाले मनोरंजन कुमार ने बताया कि यहां रहकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करते हैं. अचानक सिलिंडर खाली होने पर उन्हें 100 रुपये किलो की बजाय 200 रुपये किलो तक चुकाना पड़ा. वहीं छोटी खंजरपुर में रहने वाली दीक्षा ने बताया कि बीएससी में हैं, उन्हें आदमपुर में 200 रुपये प्रति किलो गैस भरवाना पड़ा. इंडेक्शन चूल्हा से भोजन बनाने की सुविधा लॉज में नहीं है. विवाह भवन में लगने लगे कोयलावाले चूल्हे बूढ़ानाथ रोड स्थित विवाह भवन संचालक ओमप्रकाश मंडल ने बताया कि अधिकतर विवाह भवन में अब कोयला वाला चूल्हा विकल्प के रूप में लगाया जा रहा है, जो कि पहले हटा दिया गया था. नाथनगर के चंदन कुमार ने बताया कि उनके बहन की शादी है, लेकिन गैस की किल्लत के कारण कोयला की व्यवस्था करनी होगी. प्रदूषण के साथ परेशानी बढ़ेगी. गैस की जमाखोरी पर प्रशासन सख्त, गोदामों और एजेंसियों पर एमओ दिलायेंगे पहरा डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर सख्त निर्देश जारी किये हैं. डीएम ने सभी प्रखंडों के एमओ को निर्देश दिया है कि गैस गोदाम और गैस आपूर्ति एजेंसियों के कार्यालयों पर निगरानी के लिए कर्मियों को तैनात रखें, ताकि कोई भी व्यक्ति अनावश्यक रूप से गैस सिलिंडर की जमाखोरी न कर सके. डीएम ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिले में गैस सिलिंडर की कहीं कोई कमी नहीं है. लोग किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में एलपीजी उपलब्ध है. सभी एजेंसियों के माध्यम से नियमित आपूर्ति जारी है. घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग केवल घरेलू कार्यों के लिए ही किया जाना चाहिए. इसका व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जाये. यदि कहीं इस प्रकार की शिकायत मिलती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि प्रशासन जिले के हर हिस्से पर नजर बनाये हुए है. अनुमंडल और प्रखंड स्तर की टीमें पूरी तरह से रेडी मोड में हैं. यदि कोई व्यक्ति गैस की जमाखोरी करने या आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
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