कलश शोभायात्रा के साथ बिहुला-विषहरी पूजा शुरू, 182 स्थानों पर स्थापित हुईं प्रतिमाएं

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बिहुला विषहरी पूजा को लेकर निकली भगत यात्रा. | Prabhat Khabar Network

अंग प्रदेश की ऐतिहासिक लोक संस्कृति और आस्था का प्रतीक 'बिहुला-विषहरी पूजा' गंगा तटों से पवित्र जल भरने और भव्य कलश शोभायात्रा के साथ शुरू हो गई है. सिल्क सिटी भागलपुर के 182 पूजा पंडालों व मंदिरों में अनुष्ठान विधिवत संचालित हो रहा है. मध्य रात्रि निशा पूजन संपन्न होने के साथ ही मां विषहरी की प्रतिमाएं स्थापित कर दी गईं, जिससे पूरा माहौल लोकगीतों से गूंज उठा है.

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अंग प्रदेश की ऐतिहासिक लोक संस्कृति और आस्था का प्रतीक 'बिहुला-विषहरी पूजा' रविवार सुबह गंगा तटों से पवित्र जल भरने और भव्य कलश शोभायात्रा के साथ शुरू हो गया. सिल्क सिटी भागलपुर के शहरी क्षेत्र के 116 स्थानों समेत पूरे जिले के कुल 182 पूजा पंडालों व मंदिरों में यह अनुष्ठान पूरे विधि-विधान के साथ संचालित हो रहा है. रविवार मध्य रात्रि को निशा पूजन संपन्न होने के साथ ही माता विषहरी की प्रतिमाएं स्थापित कर दी गईं, जिसके बाद पूरा माहौल बिहुला-विषहरी के पारंपरिक लोकगीतों से गूंज उठा है.

गंगाजल भरकर हुआ मां विषहरी का आह्वान

रविवार की सुबह सभी पूजा स्थलों के भगत और मेढ़पतियों ने गंगा तटों पर पहुंचकर पवित्र गंगाजल भरा और अपने-अपने पूजा पंडालों में पहुंचकर विधिवत व्रत का संकल्प लिया. वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां विषहरी का आह्वान किया गया और शाम को मंडप पूजन संपन्न हुआ.

परबत्ती पूजा समिति के राजा मंडल के अनुसार, रविवार मध्य रात्रि में निशा पूजन का अनुष्ठान पूरा किया गया. जिन प्रमुख स्थलों पर मां विषहरी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, उनमें शामिल हैं:

  • ऐतिहासिक स्थल चंपानगर स्थित मुख्य मनसा मंदिर
  • परबत्ती, रामसर और उर्दू बाजार जरलाही
  • हसनगंज, दाऊदबाट और लाजपत नगर
  • इशाकचक (पासी टोला), ईश्वर नगर और भीखनपुर गुमटी नंबर 12
  • छोटी खंजरपुर, बड़ी खंजरपुर कॉलोनी, बरारी, धनकर एवं बंसी टीकर

सोमवार से विधिवत पूजन, 17 की रात निकलेगी बाला लखेंद्र की बारात

सोमवार प्रातः से ही सभी स्थानों पर पहली डलिया (कुंवारी डाला) और सरकारी डलिया चढ़ाने के साथ विधिवत पूजा शुरू हो गई है.

आगामी कार्यक्रमों की पूरी रूपरेखा:

  • सोमवार (17 अगस्त): शाम को भगत पूजन के बाद भव्य महाआरती होगी. इसके बाद मध्य रात्रि में लोकगाथा की परंपरा के अनुसार गाजे-बाजे के साथ बाला लखेंद्र की बारात धूमधाम से निकलेगी और बिहुला के घर पहुंचेगी.
  • मंगलवार (18 अगस्त): श्रद्धालुओं द्वारा दूसरी डलिया चढ़ाई जाएगी, जिसके बाद शाम को महाआरती का आयोजन होगा.
  • बुधवार (19 अगस्त): 19 अगस्त की सुबह सभी पूजा स्थलों से प्रतिमाओं का विसर्जन शोभायात्रा के साथ किया जाएगा.

दो दिनों तक लगेगा भव्य मेला, सज गए स्टॉल

पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है. चंपानगर, इशाकचक, बड़ी खंजरपुर समेत सभी प्रमुख स्थानों पर आकर्षक पंडाल और तोरण द्वार बनाए गए हैं. 17 और 18 अगस्त को दो दिनों तक चलने वाले भव्य मेले को लेकर बच्चों के खिलौने, झूले और चाट-पकौड़ों के स्टॉल सज चुके हैं.

केंद्रीय महासमिति रख रही व्यवस्थाओं पर नजर

मनसा बिहुला-विषहरी केंद्रीय पूजा समिति के कार्यकारी अध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि सभी पूजा स्थलों पर शांति, सद्भाव और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समिति लगातार सक्रिय है.

केंद्रीय समिति के अध्यक्ष भोला मंडल, महामंत्री शशि शंकर राय, कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप कुमार, श्यामल किशोर मिश्रा, दिनेश मंडल, उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, कैलाश यादव, पिंकी बगोरिया, संजय हरि, नवीन कुमार चिंटू और छंगुरी शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी लगातार सभी पूजा स्थलों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं.


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दीपक कुमार राव

लेखक के बारे में

By दीपक कुमार राव

दीपक कुमार राव प्रिंट माध्यम में 18 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 वर्षों से एक्टिव हैं. प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, कला-संस्कृति व सामाजिक कार्य में रुचि रखते हैं.

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