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वन नेशन-वन इलेक्शन विधेयक लोकतंत्र के लिए खतरा : विधायक

Updated at : 17 Dec 2024 9:33 PM (IST)
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वन नेशन-वन इलेक्शन विधेयक लोकतंत्र के लिए खतरा : विधायक

भागलपुर के विधायक अजीत शर्मा ने विधेयक पर प्रतिक्रिया व्यक्त की

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वरीय संवाददाता, भागलपुर

लोकसभा में मंगलवार को केंद्र सरकार द्वारा पेश और पारित वन नेशन वन इलेक्शन विधेयक भारतीय संविधान की मूल भावना के विपरीत है. भागलपुर के विधायक अजीत शर्मा ने इस विधेयक पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की. उन्होंने कहा कि इस विधेयक व कानून से भारतीय संघीय ढांचा के साथ-साथ राज्यों की विधान सभाओं की स्वतंत्रता के लिए एक आसन्न खतरा है. इस विधेयक में चुनाव आयोग को इतनी शक्ति प्रदान की गई है जिससे चुनाव आयोग के निरंकुश होने की संभावना है. मोदी सरकार ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया से सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को अलग कर सरकारी वर्चस्व का प्रावधान कर दिया है. जिससे चुनाव आयोग पूरी तरह सत्ता संपोषित हो गयी है. यह कानून देश से लोकतांत्रिक व्यवस्था को समाप्त कर तानाशाही थोपने का सरकारी प्रयास है. विधायक ने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टी व देश की जनता को इसका पुरजोर विरोध करना चाहिये, जिससे देश के लोकतंत्र की रक्षा हो सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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