भागलपुर में अंतरराज्यीय बस स्टैंड का इंतजार लंबा: 11.66 करोड़ मिलने के एक साल बाद भी भूमि अधिग्रहण में अटकी योजना

Updated:
विज्ञापन

Ai Image

Bhagalpur Interstate Bus Stand: भागलपुर में आधुनिक बस स्टैंड निर्माण की फाइलें प्रशासनिक कछुआ चाल की शिकार हैं; फंड आवंटित होने के १६ महीने बाद भी जमीन का इंतजाम नहीं हो सका है, जिससे शहरवासी कोयला डिपो की अव्यवस्था और भीषण जाम झेलने को मजबूर हैं.

विज्ञापन

भागलपुर से ब्रजेश की रिपोर्ट

Bhagalpur Interstate Bus Stand: भागलपुर को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित परिवहन ढांचा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित ‘अंतरराज्यीय बस स्टैंड’ (Interstate Bus Stand) की महत्वाकांक्षी योजना प्रशासनिक लालफीताशाही और भूमि अधिग्रहण के पेंच में बुरी तरह फंस गई है. इस प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार द्वारा एक वर्ष से भी अधिक समय पहले भारी-भरकम राशि आवंटित की जा चुकी है, लेकिन धरातल पर एक इंच भी काम शुरू नहीं हो सका है. जमीन की उपलब्धता न होने के कारण निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है, जिसके परिणामस्वरूप भागलपुर और सीमांचल के लाखों यात्रियों को विश्वस्तरीय बस टर्मिनस की सुविधा मिलने का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है.

11.66 करोड़ का फंड डंप; रिक्शाडीह से कोयला डिपो शिफ्टिंग ने बढ़ाई आफत

  • फंडिंग का ब्यौरा: भागलपुर में भव्य अंतरराज्यीय बस स्टैंड के निर्माण को लेकर पिछले वर्ष 18 फरवरी 2025 को ही 11 करोड़ 66 लाख 36 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी गई थी. इसके बावजूद एक वर्ष चार महीने (लगभग 16 महीने) का लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी यह परियोजना केवल कागजी प्रक्रियाओं और भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) के फेर में अटकी हुई है.
  • अस्थाई स्टैंड की राजनीति: शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए पूर्व में बसों के परिचालन को ‘रिक्शाडीह’ स्थानांतरित किया गया था, जिससे शहर के आंतरिक मार्गों पर यातायात का दबाव कम हुआ था और आम जनता ने राहत की सांस ली थी.
  • दोबारा बढ़ा संकट: बाद में अज्ञात रणनीतिक कारणों से बसों का संचालन फिर से शहर के बीचो-बीच स्थित ‘कोयला डिपो’ से शुरू कर दिया गया. इस अदला-बदली ने पूरे शहर की यातायात व्यवस्था को छिन्न-भिन्न कर दिया है और लोग एक बार फिर से पुरानी नारकीय स्थिति को झेलने पर विवश हैं.

बसों के बेतरतीब संचालन से कराह रही हैं मुख्य सड़कें; समय की भारी बर्बादी

Bhagalpur Interstate Bus Stand

नए अंतरराज्यीय बस स्टैंड के निर्माण में हो रही देरी का सीधा खामियाजा भागलपुर की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है.

कोयला डिपो से बसों के बेतरतीब आवागमन और सड़कों पर ही अवैध रूप से गाड़ियां खड़ी करने के कारण जीरो माइल, कचहरी चौक, और स्टेशन रोड जैसी प्रमुख धमनियों पर दिनभर रुक-रुक कर भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है. इस अव्यवस्था का असर केवल लंबी दूरी के यात्रियों पर ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा के दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, स्कूली बच्चों और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ रहा है. बार-बार लगने वाले इस ट्रैफिक जाम से ईंधन के साथ-साथ कीमती समय की बर्बादी हो रही है.

Bhagalpur Interstate Bus Stand: स्थायी समाधान के लिए जमीन का मिलना अनिवार्य

यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि भागलपुर जैसे तेजी से बढ़ते व्यापारिक शहर के लिए ‘अंतरराज्यीय बस स्टैंड’ की योजना महज एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि शहर को बचाने के लिए एक अनिवार्य लाइफलाइन है. इसके बनने से न केवल झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के अन्य जिलों से आने-जाने वाली सैकड़ों बसों को एक सुव्यवस्थित टर्मिनल मिल जाएगा, बल्कि शहर के भीतर कमर्शियल वाहनों का अनियंत्रित प्रवेश भी रुक जाएगा.

नागरिकों ने जिला भू-अर्जन कार्यालय और प्रमंडलीय आयुक्त से गुहार लगाई है कि चिन्हित भूमि के मालिकों के साथ मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया को फास्ट-ट्रैक मोड पर पूरा किया जाए. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि करोड़ों की राशि बैंक खातों में डंप रहने के बीच जिला प्रशासन इस गंभीर गतिरोध को कब तक तोड़ पाता है और भागलपुर का यह सपना कब धरातल पर उतरता है.

Also Read: अधीक्षण अभियंता पवन कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में आर्थिक अपराध प्रभाग की कार्रवाई जारी.

Also Read: आज से पूरे बिहार में शुरू होगा आंधी-पानी का दौर, इन 6 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, IMD की एडवाइजरी जारी

विज्ञापन
दिव्यांशु प्रशांत

लेखक के बारे में

By दिव्यांशु प्रशांत

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन