बाढ़ से भागलपुर में 9.15 लाख आबादी प्रभावित, 73 हजार परिवारों तक पहुंची राहत

Updated:
विज्ञापन

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

भागलपुर जिले में बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है, जिससे 9.15 लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुई है. जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है, जिसमें 123 नावों का संचालन, 337 सामुदायिक रसोई और 114 मेडिकल टीमों की तैनाती शामिल है.

विज्ञापन

भागलपुर. जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है. जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार जिले के 15 प्रखंडों की 114 पंचायतों और 456 गांवों में बाढ़ से 2,10,219 परिवारों की करीब 9,15,781 आबादी प्रभावित हुई है. प्रशासन की ओर से अब तक 73,090 परिवारों तक सहायता पहुंचायी गयी है. वहीं 24,812 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

विज्ञापन

राहत एवं बचाव के लिए 123 नावों का संचालन

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और बचाव कार्य के लिए 123 नावों का संचालन किया जा रहा है. प्रशासन की ओर से अब तक 24,899 पॉलीथिन शीट और 944.43 क्विंटल पशु चारा उपलब्ध कराया गया है. इसके अलावा दो ड्राई फूड पैकेट समेत अन्य आवश्यक सामग्री भी प्रभावित लोगों तक पहुंचायी गयी है.

114 मेडिकल टीमों की तैनाती, 41 हजार से अधिक का उपचार

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने के लिए 114 मेडिकल टीमों की तैनाती की गयी है. इन टीमों के माध्यम से अब तक 41,826 लोगों का उपचार किया जा चुका है. प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं और मेडिकल टीमों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.

337 सामुदायिक रसोई से 37 लाख से अधिक लोगों को भोजन

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 337 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किये जा रहे हैं. इन केंद्रों के माध्यम से अब तक करीब 37,08,315 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है. प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित क्षेत्रों में भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता बनी रहे.

सात राहत शिविरों में 8,555 लोगों का पंजीकरण

जिले में संचालित सात राहत शिविरों में अब तक 8,555 लोगों का पंजीकरण किया गया है. राहत शिविरों में रह रहे लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनकी जरूरतों की निगरानी की जा रही है.

राहत कार्य में शिथिलता नहीं बरतने का निर्देश

जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी तरह की शिथिलता नहीं बरतने का निर्देश दिया है. उन्होंने प्रभावित परिवारों तक समय पर आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने को कहा है. जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में जारी हेल्पलाइन अथवा स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें.

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन