नारायणपुर में सड़क किनारे अवैध गड्ढे ने ली रिमझिम की जान, पीड़ित परिवार को 4 लाख मुआवजे का ऐलान
नारायणपुर में सड़क किनारे अवैध गड्ढे ने ली रिमझिम की जान
नारायणपुर में लोक आस्था पर्व की खुशियां मातम में बदलीं. सड़क निर्माण के अवैध गड्ढे में डूबने से 18 वर्षीय रिमझिम की मौत हो गई, लेकिन नीतीश ने 4 अन्य बच्चियों की जान बचाई. प्रशासन ने 4 लाख मुआवजे का ऐलान किया है.
Narayanpur Navgachhia News: बिहार के भागलपुर जिला अंतर्गत नवगछिया के नारायणपुर प्रखंड में एक दिल नहला देने वाला दर्दनाक हादसा सामने आया है. लोक आस्था के पर्व करमा-धरमा की तैयारियों के बीच गांव में अचानक चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते पर्व की खुशियां मातम के आंसुओं में बदल गईं. मंगलवार की अहले सुबह भ्रमरपुर गांव में कोसी बांध से सटे पीसीसी सड़क के किनारे पानी से लबालब भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से 18 वर्षीया युवती रिमझिम कुमारी की अकाल मौत हो गई. इस दौरान साथ मौजूद एक साहसी युवक ने अपनी जान पर खेलकर चार अन्य बच्चियों को डूबने से तो बचा लिया, लेकिन रिमझिम को नहीं बचाया जा सका.
झूर काटने के बाद नहाने गई थीं बच्चियां, गहराई का अंदाजा न होने से हुआ हादसा
घटना के संदर्भ में नगरपारा पूरब के पंचायत समिति सदस्य बमशंकर साह ने बताया कि मंगलवार की सुबह करीब छह बजे गांव की दर्जनों बच्चे-बच्चियां लोक पर्व करमा-धरमा के लिए सिंधुआ बहियार स्थित कामा माय स्थान के पास झूर काटने गई थीं. झूर काटने के बाद रिमझिम समेत पांच बच्चियां सड़क किनारे पानी भरे गड्ढे में हाथ-पैर धोने और स्नान करने के लिए उतर गईं. गड्ढे में पानी कितना गहरा था, इसका अंदाजा बच्चियों को बिल्कुल नहीं था. जैसे ही वे आगे बढ़ीं, उनका पैर फिसल गया और पांचों बच्चियां एक-एक कर गहरे पानी में डूबने लगीं और बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगीं.
जांबाज नीतीश ने 4 बच्चियों को पानी से सुरक्षित निकाला, लेकिन रिमझिम की चली गई सांसें
बच्चियों को पानी में छटपटाते और डूबते देख साथ गए साहसी युवक नीतीश कुमार ने बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में छलांग लगा दी. नीतीश ने हिम्मत और मुस्तैदी दिखाते हुए डूब रही चार बच्चियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर खींच निकाला. लेकिन जब तक वह पांचवीं बच्ची रिमझिम कुमारी को पानी से बाहर निकाल पाता, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं. जब रिमझिम के बेजान शरीर को बाहर लाया गया, तो वहां मौजूद बच्चों और ग्रामीणों के बीच कोहराम मच गया.
महाराष्ट्र में मजदूरी करते हैं पिता, चार बहनों में सबसे बड़ी थी रिमझिम
मृतका रिमझिम कुमारी भ्रमरपुर गांव के वार्ड नंबर चार निवासी अनिल मंडल की 18 वर्षीया पुत्री थी. वह अपने चार बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी. घर की सबसे बड़ी बेटी की इस तरह अचानक हुई मौत से मां रिंकू देवी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. चीखती-बिलखती मां बार-बार बेहोश हो जा रही है. बताया जा रहा है कि रिमझिम के पिता अनिल मंडल अपने परिवार का पेट पालने के लिए महाराष्ट्र में मजदूरी करते हैं. बेटी की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है.
'सड़क निर्माण में ठेकेदार के अवैध खनन ने ली जान', ग्रामीणों में भारी रोष
इस दुखद हादसे के बाद स्थानीय लोगों और समाजसेवियों में प्रशासन और सड़क निर्माण संवेदक (ठेकेदार) के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है. समाजसेवी गौतम कुमार गोंविदा ने आरोप लगाया कि पीसीसी सड़क निर्माण के दौरान संवेदक द्वारा सड़क किनारे मानकविहीन और अवैध तरीके से मिट्टी का खनन किया गया था, जिसके कारण इतने गहरे जानलेवा गड्ढे बन गए. उन्होंने बताया कि पूर्व मुखिया अशोक कुमार झा ने पहले भी इस अवैध खनन और जानलेवा गड्ढों की शिकायत संबंधित विभाग से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसी प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज एक निर्दोष बच्ची को अपनी जान गंवानी पड़ी.
Narayanpur Navgachhia News: पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव, प्रशासन ने दिया 4 लाख मुआवजे का भरोसा
घटना की जानकारी मिलते ही भवानीपुर थाने की पुलिस टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची. भवानीपुर थानाध्यक्ष शुंभ कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अनुमंडलीय अस्पताल नवगछिया में पोस्टमार्टम कराया और प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है. वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए नारायणपुर सीओ आशीष कुमार ने बताया कि आपदा प्रबंधन और सरकारी नियमानुसार पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाएगी.
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