भागलपुर में बाढ़ और कानून-व्यवस्था पर गरजी राजद: पूर्व मंत्री सुरेश पासवान बोले— '13 प्रखंडों के 9.50 लाख लोग बेहाल
प्रेसवार्ता करते हुए राजद के पूर्व मंत्री सुरेश पासवान. | Prabhat Khabar Network
राजद नेता सुरेश पासवान ने भागलपुर बाढ़ की विभीषिका, धीमी राहत और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सरकार पर जोरदार हमला बोला है. 13 प्रखंडों के 9.50 लाख लोग प्रभावित हैं.
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश पासवान ने भागलपुर जिले में बाढ़ की विभीषिका, राहत कार्यों की धीमी रफ्तार और राज्य की चरमराती कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर करारा हमला बोला है.
भागलपुर परिसदन में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि गंगा और कोसी के जलस्तर में बढ़ोतरी से जिले का एक विशाल भूभाग जलप्रलय झेल रहा है, लेकिन प्रशासन के राहत और पुनर्वास कार्य धरातल पर नाकाफी साबित हो रहे हैं. उन्होंने मांग की कि प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर सूखा राशन, पॉलीथिन शीट्स और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जाएं.
13 प्रखंडों के 111 गांव प्रभावित, 9.50 लाख की आबादी संकट में
पूर्व मंत्री सुरेश पासवान ने बाढ़ के भयावह आंकड़ों का ब्योरा देते हुए दावा किया कि जिले के रंगरा चौक, गोपालपुर, इस्माइलपुर, सबौर, खरीक, सुल्तानगंज, नाथनगर, कहलगांव, पीरपैंती और बिहपुर प्रखंडों में 70 से 90 प्रतिशत तक आबादी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है.
राजद नेता ने कहा कि कुल 13 प्रखंडों की 111 से अधिक पंचायतों और गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है, जिससे करीब 9.50 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि बाढ़ के कारण लगभग दो लाख परिवारों के आशियाने उजड़ गए हैं और हजारों एकड़ में लगी खरीफ फसलें व खेती-बाड़ी पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है.
कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर सरकार को घेरा
प्रेस वार्ता में राजद नेता ने राज्य में बिगड़ती विधि-व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की. उन्होंने दरभंगा और जमुई की हालिया घटनाओं का विशेष उल्लेख करते हुए बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए.
पासवान ने आरोप लगाया कि प्रदेश में हत्या, लूट और महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसी संगीन वारदातों पर प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है. उन्होंने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में पूरी तरह अक्षम साबित हो रही है.
'यूसीसी छोड़ बाढ़ पीड़ितों के आंसू पोंछे सरकार'
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर राजनीतिक टिप्पणी करते हुए सुरेश पासवान ने कहा कि जब प्रदेश की लाखों जनता बाढ़ में डूब रही है और दाने-दाने को मोहताज है, तब सरकार भावनात्मक और गैर-जरूरी मुद्दों को तूल दे रही है.
उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता बाढ़ पीड़ितों का पुनर्वास, फसलों का उचित मुआवजा और बुनियादी नागरिक सुरक्षा होनी चाहिए, न कि सियासी लाभ के लिए अन्य एजेंडे चलाना.
कोसी स्नातक निर्वाचन सीट पर जीत का दावा
आगामी बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव का जिक्र करते हुए पूर्व मंत्री ने कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में राजद समर्थित प्रत्याशी की शानदार जीत का दावा किया.
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चुनाव में धांधली और फर्जी मतदाताओं के सहारे परिणाम प्रभावित किए गए थे, लेकिन इस बार स्नातक मतदाता जागरूक हैं और परिवर्तन का मन बना चुके हैं. हालांकि, उन्होंने फर्जी मतदाताओं के आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज पेश नहीं किया.
प्रेस वार्ता में कई प्रमुख राजद नेता रहे मौजूद
भागलपुर परिसदन में आयोजित इस प्रेस वार्ता में राजद संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और नेता उपस्थित रहे.
मौके पर राजद के निवर्तमान जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर प्रसाद यादव, नाथनगर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मोहम्मद जेड हसन, वरिष्ठ नेता शिशुपाल भारती, युवा राजद के नगर निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. प्रवीण कुमार, युवा राजद नेता मंगल महतो और पीयूष कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे. सभी नेताओं ने एक सुर में बाढ़ प्रभावितों को तत्काल उचित मुआवजा देने की मांग की.
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