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भागलपुर : शिक्षक कर रहे शोध करने का इंतजार

Updated at : 25 Feb 2019 7:46 AM (IST)
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भागलपुर :  शिक्षक कर रहे शोध करने का इंतजार

भागलपुर : यूजीसी से शोध के लिए मिले चार लाख की राशि पिछले दो साल से एसएम कॉलेज के खाते में पड़ी है. शिक्षक शोध करने का इंतजार कर रहे हैं. कॉलेज की संगीत विभाग की शिक्षिका सह पीजी संगीत विभाग की हेड डॉ रश्मि पुरियार का वर्ष 2017 में शोध प्रोजेक्ट को यूजीसी ने […]

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भागलपुर : यूजीसी से शोध के लिए मिले चार लाख की राशि पिछले दो साल से एसएम कॉलेज के खाते में पड़ी है. शिक्षक शोध करने का इंतजार कर रहे हैं. कॉलेज की संगीत विभाग की शिक्षिका सह पीजी संगीत विभाग की हेड डॉ रश्मि पुरियार का वर्ष 2017 में शोध प्रोजेक्ट को यूजीसी ने एप्रूव किया था. कॉलेज की शिक्षिका डॉ आभा पूर्वे के प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गयी थी. शोध कार्य शुरू करने के लिए यूजीसी ने करीब चार लाख रुपये कॉलेज मद में भेजी थी, लेकिन यूजीसी से राशि आकर कॉलेज मद में रखी है.
शोध कार्य पूरा करने के लिए दो साल का समय यूजीसी ने दिया था. 2019 के नवंबर में समय अवधि पूरा हो रहा है, लेकिन शोध कार्य कागजी प्रक्रिया में उलझ कर रह गयी. शोध कार्य शुरू नहीं होने से संगीत छात्रों को इसका लाभ भी नहीं मिल पाया.
पीजी संगीत विभाग के हेड डॉ रश्मि पुरियार ने कहा कि शोध के माध्यम से सूरदास जी की कविताओं को गाने योग्य बनाना था, ताकि प्राचीन भक्ति भाव को छात्र जान सकें. राग को बांध कर क्लासिकल में एक नयी पहचान बनती. कैसेट तैयार होते छात्र व बच्चे सुरदास जी के राग को आसानी से समझ पाते. उन्होंने बताया कि शोध शुरू नहीं होने से इन चीजों से वंचित हो रहे हैं.
इन शोध को मिली थी यूजीसी से मंजूरी
सूरदास की कविताओं के राग को बांध कर नया क्लासिकल बनाना
अंगक्षेत्र की लोककथा व लोककला
सूरदास जी की कविताओं को गाने योग्य बनाना
यूजीसी ने एसएम कॉलेज संगीत विभाग की दो शिक्षिकाओं के शोध प्रोजेक्ट को दी थी मंजूरी
2017 में ही शिक्षिका ने यूजीसी को भेजी थी शोध, नवंबर 2019 में तैयार करना था प्रोजेक्ट
लोक कथा व कला को देश के मानचित्र पर लाना था
संगीत की शिक्षिका डॉ आभा पूर्वे ने कहा कि शोध कार्य के लिए जिस विषय को यूजीसी से मंजूरी दी गयी थी. इससे अंगक्षेत्र के लोक कथा व कला को देश के मानचित्र पर लाना था. जिस तरह से मंजूषा कला की पहचान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है. उसी तरह अंगक्षेत्र के कला व कथा पर शोध करने पर भागलपुर ही नहीं देश की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बन पाती.
शोध कार्य के लिए शीघ्र ही राशि जारी कर दी जायेगी
एसएम कॉलेज की प्राचार्य डॉ अर्चना ठाकुर ने कहा कि यूजीसी से शोध कार्य के लिए आयी राशि को शीघ्र ही जारी कर दी जायेगी. डॉ रश्मि पुरियार को जल्द ही शोध कार्य के लिए राशि उपलब्ध करा दी जायेगी. दूसरे शोध प्रोजेक्ट की राशि जारी करने की प्रक्रिया की जा रही है. उन्होंने बताया कि मामला पूर्व प्राचार्या डॉ मीना रानी के कार्यकाल का है. मामला संज्ञान में आने पर प्रक्रिया शुरू की गयी है.
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