छाती पीट रही थी बहन, पति का था बुरा हाल, बेहाल थे बच्चे

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भागलपुर : जीएसटी अकाउंट का कार्य करने वाले सुधांशु शेखर तिवारी ने बताया कि दो बच्चा पहले से है. इस बीच पत्नी फिर से गर्भवती हो गयी. इसके बाद हम लोग शहर के एक नामी चिकित्सक के पास गये. इनके पास हमने गर्भपात की बात कही तो हमें चिकित्सक ने मना कर दिया और कहा […]

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भागलपुर : जीएसटी अकाउंट का कार्य करने वाले सुधांशु शेखर तिवारी ने बताया कि दो बच्चा पहले से है. इस बीच पत्नी फिर से गर्भवती हो गयी. इसके बाद हम लोग शहर के एक नामी चिकित्सक के पास गये. इनके पास हमने गर्भपात की बात कही तो हमें चिकित्सक ने मना कर दिया और कहा यह जानलेवा है. इसके बाद अपने एक दोस्त की सलाह पर डॉ माेनिका रानी के पास आये. डॉ मोनिका मायागंज अस्पताल में भी चिकित्सक है.

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21 तारीख को चिकित्सक से दिखाया. डाॅ मोनिका ने कहा गर्भपात हो सकता है इसमें किसी तरह की परेशानी नहीं है. खर्च 35 हजार का आयेगा. इनकी बातों में हम लोग आ गये. शुक्रवार दस बजे गर्भपात कराने डॉ माेनिका के पास आये. 35 हजार रुपया हमने जमा कर दिया.
तीन बजे ऑपरेशन के लिए दीपा को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया. साढ़े तीन बजे चिकित्सक ओटी से बाहर आयी. जब हमने दीपा के बारे में जानना चाहा तो बिना कुछ बताये डॉ वापस चली गयी. पौने चार बजे ओटी से दीपा की लाश बाहर निकली. इसके बाद डॉ मोनिका ने अपने पति डॉ अविलेश को हमारे पास भेजा. डॉ अविलेश के साथ कई लोग थे. सभी लाश को बाहर निकालने का प्रयास करने लगे. जब हमने विरोध किया तो मारपीट करने का प्रयास किया गया. इसके बाद हमारे परिजन भी जुट गये.
यह देख चिकित्सक क्लिनिक से निकल गये. मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने क्लिनिक में जम कर तोड़फोड़ मचाना आरंभ कर दिया. डॉ माेनिका के चैंबर को तोड़ दिया गया. हर एक समान को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. मामले की जानकारी पर सबसे पहले तिलकामांझी थाना पुलिस सामने आयी. भीड़ पुलिस को देख और उग्र हो गयी. गैरेज में रखे चिकित्सक की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए मोजाहिदपुर, कोतवाली, हबीबपुर, आदमपुर पुलिस, रैप जवानों के साथ डीएसपी राजवंश सिंह मौके पर पहुंचे. पुलिस ने आक्रोशित लोगों को शांत कर तोड़फोड़ करने वालों को दूर किया. इसके बाद लोग ने इशाकचक कचहरी मार्ग को दो घंटे से ज्यादा वक्त तक जाम कर दिया. आंदोलन के दौरान लोगों ने पुलिस और आइएमए पर पक्षपात का आरोप लगाया.
भड़के इंस्पेक्टर, दिया लाठी चार्ज का आदेश : आंदोलन में शामिल कुछ युवक को देख मोजाहिदपुर इंस्पेक्टर अमर विश्वास भड़क गये. अचानक इन्होंने लाठी चार्ज का निदेश दे दिया. सैफ जवानों ने लाठी से आंदोलनकारियों को भगाना आरंभ कर दिया. यह देख मृतक में परिजन सड़क पर बैठ गये. इसके बाद पुलिस पीछे हटी. मामले की जानकारी पर क्लिनिक से डीएसपी बाहर आये और लोगों को शांत कराया. इसके बाद सुधांशु शेखर तिवारी के बयान पर डॉ माेनिका के खिलाफ आवेदन दिया गया.
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