कंपनी व अस्पताल में अजीब करार, पोली बैग के बिना भेजे दे रहे रिसाइकिल को मेडिकल वेस्ट
Updated at : 19 Dec 2018 8:24 AM (IST)
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भागलपुर : पांच सौ बेड वाले मायागंज अस्पताल से निकलने वाले मेडिकल कचरे काे रिसाइकिल करने का भार सनर्जी कंपनी के पास है. इस काम के लिए अस्पताल और कंपनी के बीच करार तो हो गया, लेकिन यहां कचरा रखने वाले पोलीबैग का कहीं जिक्र नहीं हुआ. तीन माह से अस्पताल उपाधीक्षक डॉ एके सिन्हा […]
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भागलपुर : पांच सौ बेड वाले मायागंज अस्पताल से निकलने वाले मेडिकल कचरे काे रिसाइकिल करने का भार सनर्जी कंपनी के पास है. इस काम के लिए अस्पताल और कंपनी के बीच करार तो हो गया, लेकिन यहां कचरा रखने वाले पोलीबैग का कहीं जिक्र नहीं हुआ.
तीन माह से अस्पताल उपाधीक्षक डॉ एके सिन्हा पोली बैग का इंतजार कर रहे हैं. कभी सफाई एजेंसी से तो कभी सिनर्जी कंपनी को पोलीबैग की व्यवस्था के लिए कहा जा रहा है.
लेकिन मामला जहां का तहां है. ऐसे में अस्पताल से निकलने वाले कचरे की हालत यह नहीं होती है कि इसे बेहतर तरीके से रिसाइकलिंग की जा सके. परिणाम अस्पताल के पीछे इस कचरे को फेंक दिया जा रहा है.
अस्पताल से रोजाना निकलता है 150 किलो कचरा. सिनर्जी कंपनी के मैनेजर चंद्रजीत कुमार ने बताया कि अस्पताल के विभिन्न विभागों से रोजाना 150 किलो मेडिकल कचरा निकलता है. लेकिन करार में सिर्फ कचरे का ही जिक्र है. पोली बैग का कोई जिक्र नहीं है. कंपनी सिर्फ मेडिकल कचरे का चार्ज करती है.
तीन माह से हो रही है बैग की तलाश
अस्पताल उपाध्यक्ष डॉ एके सिन्हा ने बताया कि तीन माह से मेडिकल कचरे के लिए पोली बैग की मांग हो रही है. कंपनी के अधिकारियों से पूछा गया तो बताया गया कि इसे लेकर किसी तरह का करार नहीं है. यह बैग सफाई एजेंसी वाले देंगे. लेकिन इस एजेंसी ने भी बैग देने से इंकार कर दिया है.
इस वजह से मेडिकल कचरे को सुरक्षित रखने में परेशानी हो रही है. बैग के लिए एक बार फिर से कंपनी को पत्र लिखा गया है. ऐसे में अगर किसी की भी लापरवाही सामने आयी, तो सीधी कार्रवाई होगी. मेडिकल कचरे को बेहतर तरीके से निस्पादन के लिए सरकार भी सक्रिय है, ऐसे में लापरवाही सहन नहीं की जायेगी.
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