सीबीआइ ने शुरू की बगैर निर्देश पत्र के सृजन समिति में सरकारी खाता बंद करने की पड़ताल

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Sep 2018 4:39 AM

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भागलपुर : सृजन घोटाले की शुरुआत करनेवाले पूर्व डीएम केपी रमैया के वर्ष 2003 में सृजन समिति में खाता खोलने वाला पत्र और वर्ष 2008 में पूर्व डीएम विपिन कुमार के उक्त समिति में खाता बंद करने के पत्र का मामला अभी तक जांच एजेंसी के सामने तिलिस्म बना हुआ है. सीबीआइ उक्त दोनों पत्रों […]

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भागलपुर : सृजन घोटाले की शुरुआत करनेवाले पूर्व डीएम केपी रमैया के वर्ष 2003 में सृजन समिति में खाता खोलने वाला पत्र और वर्ष 2008 में पूर्व डीएम विपिन कुमार के उक्त समिति में खाता बंद करने के पत्र का मामला अभी तक जांच एजेंसी के सामने तिलिस्म बना हुआ है. सीबीआइ उक्त दोनों पत्रों के संचिका नहीं मिलने के मामले की पड़ताल शुरू कर दी है.

जांच एजेंसी को सृजन समिति में खाता खोलने के पत्र की प्रतिलिपि तो प्रखंडों व कई विभागों से प्राप्त हुई, लेकिन खाता बंद करने की चिट्ठी के बारे में कई ने नहीं होने का जवाब दिया है.

इसमें पंचायत, कल्याण जैसे विभाग हैं, जिनके यहां पूर्व डीएम विपिन कुमार की चिट्ठी प्राप्त होने का कोई जिक्र तामिला रजिस्टर में नहीं है. अब सवाल है कि वर्ष 2008 में जो खाते बंद हुए हैं, वह किस चिट्ठी के आधार पर बंद हुए. सीबीआइ अपने आगे की पूछताछ में संबंधित सवाल का जवाब लेगी.
गोपनीय के तामिला रजिस्टर में पूर्व डीएम विपिन कुमार की चिट्ठी का जिक्र: 15 मार्च 2008 को पूर्व डीएम विपिन कुमार ने सृजन संस्था में खाता बंद करने के आदेश पत्र जारी किया. यह खाता बंद करने संबंधी पत्र की कॉपी महालेखाकार को भी भेजी थी, जिसका सत्यापन जिला स्तर पर विभिन्न विभागों से कराया गया. एजी की ऑडिट टीम के सदस्य भी उन विभागों या शाखाओं में गये, जहां पत्र की प्रतिलिपि गयी थी. जिला विकास शाखा से पत्र के जारी होने तथा इश्यू नंबर लेने पर भी जांच हुई. मगर उस जांच का कोई नतीजा नहीं निकला. कहा गया कि विकास शाखा से जारी पत्र संख्या 652 किसी और निर्देश के लिए था.
जिलाधिकारी के गोपनीय के तामिला में उक्त पत्र का जिक्र मिला है. कहा गया कि पूर्व डीएम के निर्देश पर तत्कालीन एनडीसी ने खाता बंद करने को लेकर संचिका आगे बढ़ायी थी.
115 करोड़ के कल्याण विभाग के घोटाला से संबंधित जा रहे कागजात : सीबीआइ द्वारा कल्याण विभाग में हुए 115 करोड़ रुपये की दूसरी प्राथमिकी की जांच के लिए कागजात मंगवाया जा रहा है. कुछ कागजात को लेकर विभाग के कर्मी भी दिल्ली गये हैं.
पूर्व डीएम विपिन कुमार की चिट्ठी बनी तिलिस्म, कहां से जारी हुई और कई ने नहीं मिलने की दी रिपोर्ट
महालेखाकार की टीम को भी नहीं मिले सरकारी विभागों से पत्र मिलने के प्रमाण
गोपनीय के तामिला रजिस्टर में पूर्व डीएम विपिन कुमार के पत्र का हुआ है जिक्र
विकास शाखा में संचिका नहीं मिली, भेजा गया जवाब
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