नौ सितंबर से पहले हो सकती है कार्रवाई

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 02 Sep 2018 5:35 AM

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इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्ट एंड माइक्रोबायलॉजिस्ट का दावा जिले में 200 से ज्यादा अवैध पैथोलॉजी सेंटर चल रहे हैं भागलपुर : पटना हाइकोर्ट के आदेश पर शनिवार को सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार ने डीएम को जिले में चल रहे अवैध पैथोलॉजी की सूची सौंप दी है. संभावना है कि जिला प्रशासन और पुलिस के […]

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इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्ट एंड माइक्रोबायलॉजिस्ट का दावा

जिले में 200 से ज्यादा अवैध पैथोलॉजी सेंटर चल रहे हैं
भागलपुर : पटना हाइकोर्ट के आदेश पर शनिवार को सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार ने डीएम को जिले में चल रहे अवैध पैथोलॉजी की सूची सौंप दी है. संभावना है कि जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से नौ सितंबर से पहले अवैध पैथोलॉजी को बंद करा दिया जायेगा. शहर में चलने वाले अवैध पैथोलॉजी के आंकड़े पर भी सवाल खड़ा हो गया है. सिविल सर्जन की रिपोर्ट कहती है कि जिले में 79 पैथोलॉजी अवैध रूप से चल रहे हैं. इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्ट एंड माइक्रोबायलॉजिस्ट का दावा है कि
पैथोलैब की सूची…
जिले में 200 से ज्यादा अवैध पैथोलॉजी चल रहे हैं. शहर में मात्र 24 पैथोलॉजी ऐसे हैं, जो नियम से चल रहे हैं.
सिविल सर्जन ने सूची डीएम कार्यालय भेजी: प्रधान सचिव से निर्देश के बाद एक बार फिर स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया. शहर में चलने वाले अवैध क्लिनिक की सूची सिविल सर्जन ने डीएम कार्यालय भेज दी है. सिविल सर्जन ने डीएम को पत्र लिख कर कहा है कि जिला प्रशासन अपने स्तर से कार्रवाई करें. अवैध पैथोलॉजी पर अंकुश लगाने में एसडीओ के साथ पुलिस बल से भी मदद ली जाये. सिविल सर्जन ने सिर्फ कहा कि कोर्ट के आदेश पर अवैध पैथोलॉजी को बंद कराने की प्रक्रिया आरंभ हो गयी है. डीएम का आदेश मिलने के बाद कार्रवाई आरंभ कर दी जायेगी. इस बार किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
पैथोलॉजी चलाने का क्या नियम है, किसी काे पता नहीं: जिले में अवैध पैथोलॉजी बेरोकटोक चल रहे हैं. इसे चलाने का पैमाना क्या है. इस सवाल पर कई पैथौलेब संचालक बगल देखने लगते हैं. शहर की बड़ी इमारतों में चलाने वाले पैथोलॉजी संचालक भी इस सवाल का जवाब नहीं दे पा रहे हैं. ऐसे में समझा जा सकता है कि यहां किस तरह से पैथौलॉजी के नाम पर लूट मची है. सवाल आंकड़े पर उठ रहा है. तीन दर्जन से ज्यादा पैथोलॉजी संचालक से जो जानकारी मिली, वह यह थी कि एमडी पैथोलॉजी और टेक्निशियन की जानकारी जरूरी है.
आंकड़ा निगम क्षेत्र का, हकीकत में संख्या अधिक
सिविल सर्जन ने जो आंकड़ा पेश किया है, वह शहरी क्षेत्र के अवैध पैथोलॉजी का है. सर्वे कहता है कि जिले में दो सौ से ज्यादा अवैध पैथोलॉजी चल रहे हैं, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. यह दावा शनिवार को आइएमए हॉल में इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्ट एंड माइक्रोबायलॉजिस्ट के सदस्यों ने किया है. संगठन के सचिव डॉ सत्येंद्र कुमार ने कहा कि आइपीएम ने उच्च न्यायालय में रिट दायर कर अवैध पैथोलॉजी को बंद कराने की शिकायत की थी. सरकार को कोर्ट ने दो सप्ताह में अवैध पैथोलॉजी को बंद कराने का निर्देश दिया है. जिले में 35 वैध, तो अवैध 79 पैथोलॉजी चल रहा है. यह आंकड़ा सच्चाई से कोसों दूर है. जल्द ही पैथोलोजिस्ट एवं माइक्रोबायोलॉजिस्ट की बैठक होगी. इसके बाद सही सूची सिविल सर्जन को सौंपी जायेगी.
आंकड़ा निगम क्षेत्र…
जो आंकड़ा बनाया गया है, वह शहरी क्षेत्र में चलनेवाले अवैध पैथोलॉजी का है. ग्रामीण क्षेत्रों में चलनेवाले पैथोलॉजी को इसमें शामिल किया ही नहीं गया है. शहर में मात्र 23 पैथोलॉजिस्ट हैं, जो पैथोलॉजी नियमानुसार चल रहे हैं. अवैध पैथोलॉजी को जल्द से जल्द बंद होना ही चाहिए. प्रेस वार्ता में डॉ रवि कांत मिश्रा, डॉ एसएन तिवारी, डॉ सुनीत कुमार मौजूद थे.
एमाल्टा की मांग
बंद हो अवैध सेंटर
एमाल्टा के जिला सचिव प्रशांत कुमार ने कहा है कि अवैध पैथोलॉजी बंद होना ही चाहिए. हमारा संगठन इसके खिलाफ आवाज उठा रहा है. बिहार के 18 जिले ऐसे हैं, जहां एक भी पैथोलॉजिस्ट नहीं है. ऐसे में इन जिले के मरीजों की जांच किस तरह से होती है, आसानी से समझा जा सकता है. हमारा संगठन पूर्व से ही अवैध पैथोलैब के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहा हैं. संगठन लगातार सरकार से काउंसिल बनाने की मांग करता रहा है. कोर्ट के आदेश के बाद अब सरकार जगी है,
जिले में अवैध…
ऐसे में अब काउंसिल का गठन होना तय है. हमारा सवाल आज भी कायम है, शहर में चलने वाले अवैध पैथोलॉजी चला कौन रहा है. सरकार ऐसे लोगों की पहचान करें, जिससे इन पर कार्रवाई हो सके. अवैध पैथोलॉजी मरीजों के जीवन से खेल रहे हैं. पैथोलॉजिस्ट रिपोर्ट पर ही चिकित्सक मरीज की बीमारी को बेहतर तरीके से पता लगा सकते हैं. ऐसे में काउंसिल बनने से सभी समस्या का समाधान हो जायेगा.
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