मरीज थी गंभीर, तो क्यों नहीं दी गयी एंबुलेंस सेवा

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भागलपुर : गर्भवती विभा की मौत के बाद सड़क के साथ साथ सन्हौला पीएचसी की व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा हो गया है. लापरवाही का आलम यह था कि गंभीर विभा को मायागंज अस्पताल भेजने के लिए एंबुलेंस तक अस्पताल प्रबंधन ने उपलब्ध नहीं कराया. पीएचसी मैनेजर मनीष भट्ट का मोबाइल शाम पांच बजे के […]

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भागलपुर : गर्भवती विभा की मौत के बाद सड़क के साथ साथ सन्हौला पीएचसी की व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा हो गया है. लापरवाही का आलम यह था कि गंभीर विभा को मायागंज अस्पताल भेजने के लिए एंबुलेंस तक अस्पताल प्रबंधन ने उपलब्ध नहीं कराया. पीएचसी मैनेजर मनीष भट्ट का मोबाइल शाम पांच बजे के बाद से ऑफ मिला तो चिकित्सा प्रभारी का डॉ एच कुमार का मोबाइल आउट ऑफ कवरेज एरिया बताता रहा.
विभा के परिजनों ने बताया रविवार रात 10 बज कर 50 मिनट पर मरीज को लेकर पीएचसी आये. यहां एएनएम ने विभा को देखा. लेकिन इंट्री चार बजे सुबह दिखायी गयी. एएनएम ने जांच किया. घर में ही विभा के शरीर से खून निकलना आरंभ हो गया था. एएनएम ने ही विभा को देखा जब इसकी हालत बिगड़ने लगी तो सबौर स्थित एक निजी क्लिनिक में जाने के लिए कहा. परिजनों ने बताया कि हम लोग मरीज को जाम के कारण एंबुलेंस पर लेकर जाना चाहते थे. लेकिन यह सुविधा हमें नहीं मिली.
चिकित्सकों ने विभा को गंभीरता से नहीं लिया. पिता रामचंद्र मंडल ने बताया कि मौत के बाद हम अपनी बेटी की लाश को जाम में नहीं फंसाना चाहते थे. इस वजह से अस्पताल से एंबुलेंस की मांग की. लेकिन लाल कार्ड नहीं रहने के कारण हमें यह सुविधा नहीं मिल सकी. 1500 रुपया देकर वाहन रिजर्व किया गया.
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