वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में नेचर गाइडों की होगी ट्रेनिंग, पर्यटकों को मिलेगा बेहतर जंगल सफारी अनुभव

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वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) आगामी पर्यटन सत्र से पहले अपने नेचर गाइडों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य जंगल सफारी को अधिक ज्ञानवर्धक, सुरक्षित और यादगार बनाना है। प्रशिक्षण में वन्यजीव संरक्षण, सुरक्षा मानकों और आधुनिक इको-टूरिज्म पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

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Bettiah News: आगामी पर्यटन सत्र से पहले वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) जंगल सफारी को नए स्वरूप में तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है. पर्यटकों को विश्वस्तरीय और यादगार अनुभव देने के लिए वीटीआर प्रशासन ने सभी नेचर गाइडों के विशेष प्रशिक्षण और उनकी कार्यक्षमता के व्यापक मूल्यांकन का निर्णय लिया है.

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इस पहल का उद्देश्य जंगल सफारी को अधिक ज्ञानवर्धक, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है.

पहले होगा मूल्यांकन, फिर मिलेगी नई जिम्मेदारी

वीटीआर प्रशासन के अनुसार, प्रशिक्षण शुरू होने से पहले सभी नेचर गाइडों के व्यवहार, संवाद कौशल, वन्यजीवों की जानकारी और पर्यटकों के साथ समन्वय का मूल्यांकन किया जाएगा.

प्रदर्शन के आधार पर उन्हें नई जिम्मेदारियां दी जाएंगी और आधुनिक इको-टूरिज्म की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा.

वन्यजीव संरक्षण से लेकर सुरक्षा तक पर रहेगा फोकस

प्रशिक्षण कार्यक्रम में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता, नेचर इंटरप्रिटेशन, पर्यटकों से प्रभावी संवाद, सुरक्षा मानक और जंगल सफारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

इससे गाइड पर्यटकों को जंगल और वन्यजीवों से जुड़ी अधिक सटीक और रोचक जानकारी दे सकेंगे.

दो दर्जन से अधिक नेचर गाइड दे रहे हैं सेवाएं

वर्तमान में वीटीआर में दो दर्जन से अधिक नेचर गाइड विभिन्न सफारी मार्गों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

ये गाइड पर्यटकों को बाघ, तेंदुआ, भालू, हिरण, विभिन्न पक्षियों समेत अन्य वन्यजीवों के व्यवहार, प्राकृतिक आवास और जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र की जानकारी देकर सफारी को रोमांचक और ज्ञानवर्धक बनाते हैं.

आधुनिक पर्यटन मानकों की भी मिलेगी जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान नेचर गाइडों को आधुनिक वन्यजीव प्रबंधन और पर्यटन मानकों से भी अवगत कराया जाएगा.

फील्ड बायोलॉजिस्ट सौरभ कुमार ने कहा कि किसी भी टाइगर रिजर्व की पहचान उसके प्रशिक्षित और दक्ष नेचर गाइडों से होती है. उनकी सटीक जानकारी, प्रभावी प्रस्तुति और सकारात्मक व्यवहार न केवल पर्यटकों का अनुभव बेहतर बनाता है, बल्कि वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति भी जागरूकता बढ़ाता है.

पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

वीटीआर प्रशासन का मानना है कि इस पहल से आगामी पर्यटन सत्र में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और यादगार जंगल सफारी का अनुभव मिलेगा.

साथ ही, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की पहचान देश के प्रमुख इको-टूरिज्म गंतव्यों में और अधिक मजबूत होगी.


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