वाल्मीकिनगर में फ्रांस और कोलंबिया से पहुंचे पर्यटक, जंगल सफारी बंद फिर भी प्राकृतिक सुंदरता ने मोहा मन

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वीटीआर में विदेशी पर्यटकों का स्वागत

पर्यटन सत्र बंद होने के बावजूद, वाल्मीकिनगर ने फ्रांस और कोलंबिया से आए पर्यटकों का स्वागत किया. विदेशी मेहमानों ने प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों का अनुभव किया, जिसने उन्हें गोवा और कश्मीर से भी बेहतर महसूस कराया.

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Valmikinagar News: वीटीआर का पर्यटन सत्र फिलहाल बंद है, लेकिन वाल्मीकिनगर की प्राकृतिक सुंदरता अब भी देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रही है. बुधवार को फ्रांस और कोलंबिया से पहुंचे पर्यटकों के कारण मानसून में सुनसान पड़े जंगल कैंप में फिर रौनक देखने को मिली. विदेशी पर्यटकों ने जंगल सफारी नहीं कर पाने के बावजूद प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों का आनंद लिया.

फ्रांस और कोलंबिया से तीन दिवसीय प्रवास पर पहुंचे पर्यटक

कोलंबिया में रहने वाले बिहार के झंझारपुर के कोठियार गांव निवासी पंकज झा अपनी 10 वर्षीय बेटी चंद्रिका कैमलिन झा और फ्रांस निवासी पत्नी कैमलिन ग्रेगिया के साथ तीन दिवसीय प्रवास पर वाल्मीकिनगर पहुंचे.

पर्यटन गतिविधियां बंद होने के कारण परिवार को जंगल सफारी का अवसर नहीं मिला, लेकिन उन्होंने वाल्मीकिनगर की प्राकृतिक छटा और शांत वातावरण का आनंद लिया.

जटाशंकर और कालेश्वर मंदिर में की पूजा

सावन के पवित्र महीने में पंकज झा और उनके परिवार ने वीटीआर क्षेत्र स्थित महादेव जटाशंकर और कालेश्वर मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. परिवार ने समाज और अपने परिजनों की सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना की.

मंदिरों में पूजा के दौरान विदेशी मेहमानों की आस्था और उत्साह स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा.

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गोवा और कश्मीर से कम नहीं वाल्मीकिनगर की खूबसूरती

पंकज झा ने बताया कि उन्हें चंपारण के वाल्मीकिनगर की प्राकृतिक सुंदरता के बारे में जानकारी मिली थी. यहां पहुंचने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि प्राकृतिक सौंदर्य के मामले में वाल्मीकिनगर गोवा और कश्मीर से किसी मायने में कम नहीं है.

उन्होंने वाल्मीकिनगर के जंगल, हरियाली, पहाड़ और शांत वातावरण की सराहना करते हुए इसे परिवार के साथ घूमने के लिए खास स्थान बताया.

कोलंबिया की सॉफ्टवेयर कंपनी में हुई थी दोनों की मुलाकात

पंकज झा ने बताया कि वह कोलंबिया की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे. वहीं फ्रांस की रहने वाली कैमलिन भी इंजीनियर के पद पर काम करती थीं. वर्ष 2015 में दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे दोस्ती रिश्ते में बदल गई.

परिवार की सहमति के बाद दोनों ने कोलंबिया में भारतीय रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया.

सनातन परंपरा से जुड़ीं कैमलिन

पंकज झा ने बताया कि वह सनातन धर्म में आस्था रखते हैं और भगवान हनुमान के उपासक हैं, जबकि उनकी पत्नी कैमलिन का परिवार ईसाई धर्म को मानता था. विवाह से पहले कैमलिन ने हिंदू धर्म और भारतीय परंपराओं को अपनाने पर सहमति जताई.

अब वह भगवान शिव की भक्त हैं. वाल्मीकिनगर की धार्मिक और प्राकृतिक यात्रा उनके लिए आस्था, परिवार और प्रकृति से जुड़ा खास अनुभव बन गई.

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