शिक्षा में उत्कृष्ट काम करने वाले पश्चिम चंपारण के 58 गुरुजनों को मिला सम्मान, चेहरे पर दिखी उपलब्धि की खुशी

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बेतिया में शिक्षक दिवस पर डीएम तरनजोत सिंह ने 58 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही बच्चों के भविष्य और समाज की दिशा तय करते हैं।

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बेतिया न्यूज: शिक्षक केवल पाठ्यक्रम की शिक्षा देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व, संस्कार, सोच और भविष्य को आकार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. बच्चों के बेहतर भविष्य और अच्छे समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उक्त बातें जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने शनिवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहीं.

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58 शिक्षकों को मिला सम्मान

शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा विभाग, पश्चिम चम्पारण की ओर से आयोजित समारोह में जिले के विभिन्न विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 58 शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं वार्डेन को सम्मानित किया गया. जिला पदाधिकारी ने सम्मानित शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो एवं अंगवस्त्र प्रदान किया. समारोह में प्राथमिक विद्यालयों के 22, मध्य विद्यालयों के नौ, माध्यमिक विद्यालयों के नौ तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 13 शिक्षक-शिक्षिकाओं के अलावा पांच कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डेन को सम्मानित किया गया.


बोले डीएम, शिक्षक का प्रभाव कक्षा तक सीमित नहीं

डीएम ने कहा कि शिक्षक द्वारा बच्चों में विकसित किया गया ज्ञान, अनुशासन, नैतिक मूल्य और आत्मविश्वास उनके पूरे जीवन को प्रभावित करता है. अभिभावकों के बाद बच्चों के जीवन में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. उन्होंने शिक्षकों से पूरी निष्ठा, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि विद्यालय में प्रत्येक बच्चे की क्षमता को पहचानकर उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है. विशेष रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

बेहतर कार्यों को अन्य विद्यालयों में अपनाने पर जोर

जिला पदाधिकारी ने कहा कि सम्मानित किए जा रहे शिक्षक अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं. उनके अच्छे कार्यों और नवाचारों को जिले के अन्य विद्यालयों में भी अपनाया जाना चाहिए, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके. समारोह में डीएम तरनजोत सिंह, अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा, विशेष कार्य पदाधिकारी सुजीत कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार सहित शिक्षा विभाग के सभी डीपीओ एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे.


याद किए गए भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

इस दौरान उपस्थित पदाधिकारियों एवं शिक्षकों ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति, प्रख्यात शिक्षाविद एवं दार्शनिक भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया. सम्मानित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और चुनौतियों पर विचार रखे तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा देने का संकल्प व्यक्त किया.

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