SSB की पहल से सीमावर्ती इलाकों में रोजगार की नई राह, 155 युवाओं-महिलाओं को मधुमक्खी पालन से ब्यूटीशियन तक की ट्रेनिंग

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कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी एवं सांसद

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सीमावर्ती युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए SSB 21वीं वाहिनी बगहा द्वारा 5 स्वरोजगारपरक कौशल विकास प्रशिक्षण शुरू किया गया है. इसमें 155 लाभार्थी मधुमक्खी पालन, जैविक खेती, मशरूम फार्मिंग, सिलाई और ब्यूटीशियन जैसे हुनर सीखेंगे. यह पहल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर केंद्रित है.

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Valmikinagar News: सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एसएसबी 21वीं वाहिनी बगहा की ओर से नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत पांच स्वरोजगारपरक कौशल विकास प्रशिक्षण की शुरुआत की गई. शुक्रवार को वाल्मीकि सभागार में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन वाल्मीकिनगर के सांसद सुनील कुमार ने किया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से सीमावर्ती क्षेत्र के 155 युवा, महिलाएं और अन्य लाभार्थी लाभान्वित होंगे.

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कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी एवं सांसद | Prabhat Khabar Network
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी एवं सांसद

प्रशिक्षण के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. इसके तहत लाभार्थियों को ऐसे कौशल सिखाए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल प्रशिक्षण पूरा होने के बाद रोजगार या अपना व्यवसाय शुरू करने में किया जा सके.

मधुमक्खी पालन से ब्यूटीशियन तक 5 तरह की ट्रेनिंग

नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत पांच अलग-अलग स्वरोजगारपरक प्रशिक्षण शुरू किए गए हैं. इनमें मधुमक्खी पालन एवं बी-बॉक्स वितरण, जैविक फल-सब्जी उत्पादन, मशरूम फार्मिंग, सिलाई और ब्यूटीशियन प्रशिक्षण शामिल हैं.

इन प्रशिक्षणों के जरिए सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को स्थानीय संसाधनों के आधार पर कमाई के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है. विशेष रूप से सिलाई और ब्यूटीशियन प्रशिक्षण को इस वर्ष स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दिया गया है.

छह स्थानों पर 15 दिवसीय प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 दिनों का होगा. इसे सीमावर्ती क्षेत्र के रमपुरवा, लक्ष्मीपुर, दरुआबारी, सोहरिया, चम्पापुर और नौरंगिया दोन में आयोजित किया जाएगा.

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को संबंधित कार्य का व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जाएगा. उद्देश्य यह है कि प्रशिक्षण लेने के बाद लाभार्थी अपने स्तर पर काम शुरू कर सकें और आय का साधन विकसित कर सकें.

इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से रोजगार पर जोर

प्रशिक्षुओं को प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से इंटर्नशिप और व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. इससे प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के साथ वास्तविक काम का अनुभव मिल सकेगा.

आयोजकों के अनुसार, प्रशिक्षण पूरा होने के बाद लाभार्थियों को रोजगार हासिल करने या अपना स्वरोजगार शुरू करने में मदद मिलेगी. इस पहल का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है.

सांसद ने एसएसबी की पहल को सराहा

कार्यक्रम का उद्घाटन करने पहुंचे सांसद सुनील कुमार ने एसएसबी के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि एसएसबी सीमा सुरक्षा के साथ सीमावर्ती नागरिकों के कल्याण के लिए भी काम कर रही है.

सांसद ने स्थानीय समस्याओं के समाधान और युवाओं के लिए खेल सुविधाओं के विकास में सहयोग का आश्वासन भी दिया. उन्होंने युवाओं को कौशल विकास और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया.

मेडिकल और वेटरिनरी सिविक एक्शन भी हुआ

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया. इसके साथ ही मेडिकल सिविक एक्शन और वेटरिनरी सिविक एक्शन के तहत ग्रामीणों को निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श और दवाएं उपलब्ध करायी गयीं.

ग्रामीणों के पशुओं के लिए भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी गयी. इस तरह कार्यक्रम में कौशल विकास के साथ ग्रामीणों को स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा से जुड़ी सेवाएं भी दी गयीं.

मौके पर कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत, बगहा एसडीपीओ निहार भूषण समेत एसएसबी के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लाभार्थी मौजूद रहे.


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