बेतिया: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में AI आधारित शिक्षण व्यवस्था, मंत्री नंदकिशोर राम करेंगे उद्घाटन

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डॉ अनिल सिन्हा को समान्नित करते दुर्गेश नंदन

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गांधी की कर्मभूमि भितिहरवा में शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है. कस्तूरबा गांधी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में AI आधारित शिक्षण व्यवस्था शुरू हो रही है. यह पहल ग्रामीण छात्राओं को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगी.

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Bettiah News: महात्मा गांधी की जन्मभूमि गुजरात और कर्मभूमि भितिहरवा अब शिक्षा के क्षेत्र में भी एक नई कड़ी से जुड़ने जा रहे हैं. ऐतिहासिक भितिहरवा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं के लिए AI आधारित शिक्षण व्यवस्था शुरू की जाएगी. महेश्वर लक्ष्मी मेमोरियल फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. अनिल कुमार सिन्हा के सहयोग से यह पहल साकार होने जा रही है.

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Narkatiaganj News: 10 अगस्त को होगा AI शिक्षण व्यवस्था का शुभारंभ

उत्तर भारतीय कच्छ सेवा संस्थान, गांधीधाम (गुजरात) के दुर्गेश नंदन ने बताया कि विद्यालय परिसर में 10 अगस्त को पूर्वाह्न 11:30 बजे आयोजित समारोह में AI आधारित शिक्षण व्यवस्था का शुभारंभ किया जाएगा. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम होंगे. डॉ. अनिल कुमार सिन्हा विशिष्ट सहयोगी के रूप में मौजूद रहेंगे.

हर छात्रा को मिलेगा अपना AI शिक्षक

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक छात्रा को व्यक्तिगत AI शिक्षक की सुविधा मिलेगी. छात्राएं अपनी सीखने की गति और आवश्यकता के अनुसार पढ़ाई कर सकेंगी. AI वॉयस ट्यूटर के माध्यम से प्रश्न पूछने, गृहकार्य में सहायता लेने, फोटो स्कैन कर उत्तर प्राप्त करने, परीक्षा की तैयारी करने तथा भारतीय भाषाओं में अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने जैसी सुविधाएं मिलेंगी. AI शिक्षक 24 घंटे उपलब्ध रहेगा.

गुजरात और भितिहरवा को जोड़ने की पहल

डॉ. अनिल कुमार सिन्हा मूल रूप से मुजफ्फरपुर के निवासी हैं और गुजरात के कच्छ सहित विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं. इस पहल का उद्देश्य गांधी की जन्मभूमि गुजरात और कर्मभूमि भितिहरवा को शिक्षा और आधुनिक तकनीक के माध्यम से जोड़ना है.

ग्रामीण छात्राओं को मिलेगा आधुनिक शिक्षा का लाभ

विद्यालय के संस्थापक दीपेन्द्र वाजपेयी और प्रधानाध्यापक सुदिष्ट कुमार ने कहा कि AI आधारित शिक्षण व्यवस्था की शुरुआत ग्रामीण छात्राओं के लिए नई संभावनाएं खोलेगी. उन्होंने कहा कि यह पहल कस्तूरबा गांधी के बेटियों को शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के सपने को नई दिशा देगी तथा आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाएगी.

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