बेगूसराय: निजी अस्पताल में लापरवाही से प्रसूता की मौत, परिजनों ने NH-31 पर लगाया 4 घंटे का जाम; ₹10 लाख मुआवजे की मांग

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सड़क जाम करते आक्रोशित लोगों को समझाती पुलिस  | Prabhat Khabar Network

बेगूसराय के निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने एनएच-31 जाम कर प्रदर्शन किया. डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, मुआवजे की मांग.

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Begusarai News: बेगूसराय जिला मुख्यालय स्थित पावर हाउस चौक के समीप एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण 20 वर्षीय प्रसूता की मौत हो गई. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर जोरदार हंगामा किया और राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) को पूरी तरह जाम कर दिया.

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करीब 4 घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन के कारण फोरलेन पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह चरमरा गया.

सूचना मिलते ही सदर बीडीओ रविशंकर कुमार एवं नगर थानाध्यक्ष सतीश कुमार हिमांशु भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने परिजनों को दोषी अस्पताल प्रबंधन पर प्राथमिकी और उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया.

सदर अस्पताल के कर्मी पर निजी क्लिनिक में भेजने का आरोप

मृतका की पहचान नावकोठी थाना क्षेत्र के गौरीपुर गांव निवासी डब्लू चौधरी की 20 वर्षीय पत्नी नीतू कुमारी के रूप में हुई है:

  • दलाली का आरोप: मृतका के चचेरे भाई विवेक कुमार ने आरोप लगाया कि सोमवार को प्रसव पीड़ा होने पर वे नीतू को सदर अस्पताल लेकर गए थे. वहां कार्यरत एक कर्मी ने उन्हें बरगलाकर पावर हाउस चौक स्थित निजी अस्पताल भेज दिया.
  • कागजी प्रक्रिया के बिना भर्ती: परिजनों का कहना है कि निजी अस्पताल में बिना किसी वैध जांच और औपचारिक कागजी प्रक्रिया के आनन-फानन में मरीज को भर्ती कर लिया गया.

डिलीवरी के बाद लगातार ब्लीडिंग, बच्चेदानी निकालने का गंभीर आरोप

परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि रात में ऑपरेशन (सिजेरियन डिलीवरी) के जरिए नवजात शिशु का जन्म हुआ. इसके बाद प्रसूता को अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) होने लगा.

ब्लीडिंग रोकने में नाकाम रहने पर चिकित्सकों ने परिजनों की स्पष्ट सहमति के बिना दोबारा ऑपरेशन कर महिला की बच्चेदानी (यूटेरस) तक निकाल दी, जिसके कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई.

₹10 लाख मुआवजे और अस्पताल सील करने की मांग

घटना के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने ₹10 लाख मुआवजे, दोषी डॉक्टरों पर गैर-इरादतन हत्या की प्राथमिकी और निजी अस्पताल को तत्काल सील करने की मांग को लेकर एनएच-31 को दो बार आंशिक व पूर्ण रूप से जाम किया.

'प्रथम दृष्टया संदिग्ध मामला, होगी कानूनी कार्रवाई': सदर BDO

"नावकोठी की नीतू कुमारी को प्रसव के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां ऑपरेशन के दौरान उसकी मौत हो गई. परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही और गलत इलाज का आरोप लगाया है. प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत होता है. परिजनों से प्राप्त लिखित आवेदन के आधार पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा जांच कर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी." — रविशंकर कुमार, सदर बीडीओ, बेगूसराय

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