बेगूसराय: सीनियर गवर्मेंट काउंसिल अमरेंद्र कुमार अमर पर FIR से वकीलों में उबाल, अधिवक्ता संघ ने SP को भेजा स्मार पत्र
बेगूसराय में सीनियर गवर्मेंट काउंसिल अमरेंद्र कुमार अमर के खिलाफ दर्ज FIR से अधिवक्ताओं में गहरा रोष है. जिला अधिवक्ता संघ ने इसे कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन बताते हुए पुलिस अधीक्षक से पुनर्विचार की मांग की है.
Begusarai News: पटना उच्च न्यायालय के सीनियर गवर्मेंट काउंसिल एवं जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व महासचिव अमरेंद्र कुमार अमर के खिलाफ बेगूसराय के लाखो थाने में दर्ज की गई प्राथमिकी (कांड संख्या 139/26) को लेकर अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश है. जिला अधिवक्ता संघ, बेगूसराय ने इसे कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन और पेशेवर दायित्वों के निर्वहन में दुर्भावनापूर्ण हस्तक्षेप करार देते हुए सख्त ऐतराज जताया है.
आपके शहर में
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजीत कुमार एवं महासचिव अजय कुमार ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) को संयुक्त स्मार पत्र भेजकर प्राथमिकी पर पुनर्विचार करने और न्यायसंगत हस्तक्षेप की मांग की है.
'एडवोकेट एक्ट के तहत अधिवक्ताओं को मिला है कानूनी संरक्षण'
जिला अधिवक्ता संघ ने पुलिस अधीक्षक को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है:
- सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश: दीवानी (Civil) विवादों को जबरन आपराधिक (Criminal) मामलों में तब्दील करने को लेकर देश की शीर्ष अदालत के कड़े और स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं.
- एडवोकेट एक्ट 1961 की धारा 48: इस अधिनियम के तहत अधिवक्ताओं को उनके विधिक और पेशेवर कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान पूर्ण वैधानिक संरक्षण प्राप्त है. उनके पेशेवर कार्यों के आधार पर सीधे आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता.
- साक्ष्य का अभाव: जब अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार अमर के विरुद्ध कोई प्रत्यक्ष संलिप्तता, तथ्य या साक्ष्य उपलब्ध नहीं है, तब केवल मानहानि और मानसिक प्रताड़ना के उद्देश्य से मुकदमा दर्ज करना विधि-सम्मत नहीं है.
फर्जी कागजात बनाकर जमीन हड़पने का खेल: अमरेंद्र कुमार अमर
प्राथमिकी पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार अमर ने कहा कि विवादित बिक्री डीड (Sale Deed) के किसी भी हिस्से में न तो उनका हस्ताक्षर है और न ही उस सौदे से उनका कोई व्यक्तिगत या वित्तीय सरोकार है. केवल एक पक्ष के पेशेवर अधिवक्ता (टाइटल सूट काउंसिल) होने के आधार पर उन्हें इस मामले में घसीटा गया है, जो पूरी तरह अनुचित है. हरर्ख कोठी के कुछ पूर्व अधिकारी अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर रहे हैं. वे फर्जी कागजात के सहारे जमीन और संपत्तियों के हिस्से हड़पने की साजिश रच रहे हैं, जिसका शीघ्र ही वैधानिक तौर पर पटाक्षेप किया जाएगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए