बेगूसराय: हल्की बारिश में ही जलमग्न हो जाता है गढ़पुरा प्रखंड-अंचल कार्यालय, जलनिकासी के अभाव में बढ़ी परेशानी
बारिश के पानी से जलमग्न प्रखंड सह अंचल कार्यालय | Prabhat Khabar Network
बेगूसराय के गढ़पुरा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर की बदहाल स्थिति बारिश में एक बड़ी समस्या बन गई है. जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से कार्यालय परिसर में जलजमाव और कीचड़ की स्थिति बन जाती है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वर्षों से इस समस्या का समाधान नहीं हुआ है, जिससे लोग चिंतित हैं.
Begusarai News: बेगूसराय जिले के गढ़पुरा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर की बदहाल स्थिति इन दिनों आम नागरिकों के साथ-साथ कर्मियों के लिए भी भारी परेशानी का सबब बनी हुई है. क्षेत्र में होने वाली हल्की बारिश के बाद ही पूरे कार्यालय परिसर में जगह-जगह भारी जलजमाव हो जाता है. बारिश थम जाने के कई घंटों बाद तक परिसर में पानी जमा रहता है, जिसके चलते चारों ओर गहरा कीचड़ और फिसलन की स्थिति बन जाती है. इस प्रशासनिक केंद्र में जरूरी कार्यों से आने वाले ग्रामीणों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
जलनिकासी के अभाव में कीचड़ से गुजरना मजबूरी
कार्यालय परिसर में वर्षा के पानी की सुचारु निकासी के लिए कोई समुचित नाला या ड्रेनेज सिस्टम मौजूद नहीं है. निकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण बारिश का गंदा पानी कई दिनों तक एक ही स्थान पर सड़ांध मारता रहता है. प्रखंड और अंचल कार्यालय के मुख्य द्वारों तक पहुंचने के लिए लोगों को इसी जमा पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ता है. इस बदहाली के कारण सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को उठानी पड़ रही है.
रोज सैकड़ों ग्रामीणों का होता है आना-जाना
गढ़पुरा प्रखंड सह अंचल कार्यालय पूरे क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण विभिन्न सरकारी योजनाओं, दाखिल-खारिज, जाति-आय-निवास प्रमाण पत्र, राजस्व संबंधी मामलों, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और आवास योजना के कार्यों के लिए पहुंचते हैं. दूर-दराज के गांवों से जरूरी कार्य कराने पहुंचे ग्रामीणों का कहना है कि "जब क्षेत्र के सबसे बड़े प्रशासनिक केंद्र का यह हाल है, तो गांवों और पंचायतों में जलनिकासी की क्या स्थिति होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है."
हर साल की समस्या, अब तक नहीं निकला समाधान
परिसर में आने वाले सेवाग्रही नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि प्रत्येक वर्ष बरसात के दिनों में यही नजारा देखने को मिलता है. इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस व स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है. फिसलन भरी जमीन के कारण परिसर में कई बार लोग गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका हर वक्त बनी रहती है.
ग्रामीणों ने की परिसर के सुदृढ़ीकरण की मांग
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों ने वरीय प्रशासनिक अधिकारियों से इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेने की पुरजोर अपील की है. लोगों ने मांग की है कि "कार्यालय परिसर का समतलीकरण कर इसे ऊंचा किया जाए और जलनिकासी के लिए पक्के नाले का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश का पानी तत्काल बाहर निकल सके." स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि विभाग इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करेगा, जिससे प्रशासनिक कार्यों के लिए आने वाली जनता को कीचड़ और जलजमाव से मुक्ति मिल सके.
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