बेगूसराय : फर्जी APK, KYC और डिजिटल अरेस्ट से कैसे बचें? बरौनी में कैडेट्स को दी साइबर सुरक्षा की जानकारी
एनसीसी कैंप में प्रशिक्षण प्राप्त करते कैडेट्स | Prabhat Khabar Network
बेगूसराय जिले के ओटीसी बरौनी में आयोजित 9 बिहार बटालियन के सीएटीसी कैंप में एनसीसी कैडेट्स के लिए साइबर सुरक्षा पर विशेष सेमिनार आयोजित किया गया. बेगूसराय साइबर थाने के इंस्पेक्टर एसके विद्याकर ने कैडेट्स को ऑनलाइन ठगी के तौर-तरीकों, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लोन ऐप्स और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जागरूक किया.
ओटीसी बरौनी में 9 बिहार बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में गत 15 सितंबर से दस दिवसीय 'सीएटीसी-चौदह' कैंप का आयोजन किया जा रहा है. यह विशेष प्रशिक्षण शिविर कर्नल दीपक कुमार के संरक्षण एवं कुशल अगुवाई में संचालित किया जा रहा है.
इस दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान एनसीसी कैडेट्स को विभिन्न सैन्य और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के माध्यम से अनुशासित और प्रशिक्षित किया जा रहा है.

कैंप के तहत कैडेट्स को नियमित ड्रिल, वेपन ट्रेनिंग (हथियार चलाने का प्रशिक्षण) और शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ 'ए', 'बी' और 'सी' सर्टिफिकेट परीक्षाओं से संबंधित विषयों एवं महत्वपूर्ण प्रश्नों की तैयारी कराई जा रही है. इसके अतिरिक्त कैडेट्स के सर्वांगीण विकास के लिए करियर काउंसलिंग और विभिन्न समसामयिक विषयों पर जागरूकता व ज्ञानवर्धक कक्षाओं का भी निरंतर आयोजन किया जा रहा है.
साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से बचाव पर विशेष सत्र
इसी क्रम में 19 सितंबर को कैडेट्स के लिए साइबर सिक्योरिटी पर एक विशेष जागरूकता कक्षा और सेमिनार का आयोजन किया गया. इस सत्र का संचालन साइबर क्राइम थाना, बेगूसराय में कार्यरत इंस्पेक्टर एसके विद्याकर द्वारा किया गया. इंस्पेक्टर एसके विद्याकर साइबर अपराधों की रोकथाम और जन-जागरूकता के क्षेत्र में लगातार सराहनीय कार्य कर रहे हैं.
सेमिनार के दौरान उन्होंने कैडेट्स को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों और उनसे सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
राष्ट्रीय स्तर पर साइबर क्राइम के आंकड़े साझा करते हुए उन्होंने बताया कि साइबर फ्रॉड या ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर तुरंत इसकी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. साथ ही, आपात स्थिति में सहायता के लिए कैडेट्स के साथ बेगूसराय साइबर थाने का संपर्क नंबर भी साझा किया गया.
प्रमुख साइबर फ्रॉड और सुरक्षा के उपाय
कक्षा के दौरान कैडेट्स को विभिन्न प्रकार के आधुनिक साइबर फ्रॉड और सुरक्षा खतरों (Cyber Security Threats) से अवगत कराया गया, जिनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित शामिल रहे:
- फर्जी कॉल और फिशिंग हमले
- फर्जी एपीके (APK) फाइलें और मालवेयर
- फर्जी बैंक खाते और सोशल मीडिया प्रोफाइल
- फर्जी लोन ऐप और ऑनलाइन ऋण घोटाले
- फर्जी केवाईसी (KYC) अपडेट फ्रॉड
- क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से जुड़े फ्रॉड
- नया ट्रेंड 'डिजिटल अरेस्ट' फ्रॉड और अन्य सोशल मीडिया अपराध
विशेषज्ञ ने कैडेट्स को इन मामलों में पूरी तरह सतर्क रहने, किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, अपना ओटीपी (OTP) या बैंक खातों से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की कड़ी सलाह दी. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल शिकायत करने पर भी जोर दिया गया.

जीआरएम पोर्टल और होल्ड राशि वापसी की प्रक्रिया
प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को 'GRM पोर्टल' के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई. इसके माध्यम से साइबर अपराध की जांच के दौरान यदि किसी निर्दोष व्यक्ति का बैंक खाता गलती से या बिना उचित कारण के फ्रीज अथवा होल्ड कर दिया जाता है, तो वह ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराकर अपनी समस्या के समाधान के लिए उचित कानूनी प्रक्रिया अपना सकता है.
इसके अलावा, साइबर अपराध से जुड़े मामलों में फ्रिज या होल्ड की गई धनराशि को पीड़ित व्यक्ति तक सुरक्षित वापस पहुंचाने की प्रक्रिया से जुड़े राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा पोर्टल की कार्यप्रणाली भी समझाई गई.
Also Read :बेगूसराय में पार्षद पति पर ताबड़तोड़ फायरिंग, दो गोलियां लगीं; 15 लाख की सुपारी का आरोप
इस जागरूकता कक्षा का मुख्य उद्देश्य एनसीसी कैडेट्स को इस डिजिटल युग में साइबर अपराधों के प्रति सजग, सतर्क और एक जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाना था.
इस प्रकार 'सीएटीसी-चौदह' कैंप के माध्यम से कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ साइबर सुरक्षा, करियर जागरूकता और दैनिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की व्यावहारिक एवं उपयोगी शिक्षा दी जा रही है.
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए