पुलिस ने जिस BPSC शिक्षक को मारपीट मामले में बनाया आरोपी, घटना के वक्त स्कूल में था मौजूद; कोर्ट ने संज्ञान आदेश किया रद्द

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सांकेतिक तस्वीर

बेगूसराय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश 12 की अदालत ने बीरपुर थाना कांड से जुड़े मामले में बीपीएससी शिक्षक मो आबिद के खिलाफ निचली अदालत के संज्ञान आदेश को रद्द कर दिया है. जांच में पाया गया कि घटना के समय शिक्षक स्कूल प्रशिक्षण में उपस्थित थे, जिसे उपस्थिति पंजी और प्रधानाध्यापिका के बयान से साबित किया गया.

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बेगूसराय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश-12 शहियार मोहम्मद अफजल की अदालत ने बीरपुर थाना कांड संख्या 60/2022 से जुड़े क्रिमिनल रिवीजन 25/2025 की सुनवाई की. अदालत ने बीपीएससी शिक्षक मो. आबिद के खिलाफ निचली अदालत के संज्ञान आदेश को रद्द कर दिया. साथ ही मामले पर दोबारा सुनवाई कर नया आदेश जारी करने का निर्देश दिया.

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फर्जी केस और पुलिसिया कार्रवाई का आरोप

मो. आबिद का आरोप है कि उनके और उनके तीन भाइयों के खिलाफ मारपीट और 2,200 रुपये छीनने के आरोप में बीरपुर थाना में कांड संख्या 60/22 दर्ज किया गया था. उनका आरोप है कि अनुसंधानकर्ता और पर्यवेक्षी पदाधिकारी ने आरोपित पक्ष से मिलीभगत कर मामले को गलत तरीके से सत्य करार दिया.

इसके बाद मो. आबिद ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग को लेकर पटना मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया. आयोग ने बेगूसराय एसपी को कार्रवाई का निर्देश दिया. कार्रवाई नहीं होने पर मो. आबिद और उनके परिवार ने 23 जनवरी 2023 से बेगूसराय के हड़ताली चौक पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया.

बाद में एसपी और डीएम के आश्वासन पर अनशन खत्म किया गया. उन्हें निष्पक्ष जांच और थानेदार के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया गया. हालांकि, बाद में जांच अधिकारी ने मो. आबिद समेत उनके तीन भाइयों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया.

निचली अदालत से निर्गत हुआ था सम्मन

इसके बाद जेएमएफसी न्यायालय ने 27 जून 2024 को मो. आबिद और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 324, 341, 504, 506 और 34 के तहत संज्ञान लिया था. मो. आबिद को कोर्ट में पेश होने के लिए सम्मन भी जारी किया गया. इसके खिलाफ उन्होंने जिला एवं अपर सत्र न्यायालय में क्रिमिनल रिवीजन दाखिल की.

घटना के वक्त प्रशिक्षण शिविर में थे मौजूद

जिसमें दिनांक 02/02/2026 को माननीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश बारहवां महोदय के द्वारा क्रिमनल रिवीजन को स्वीकार किया गया. मो आबिद घटना के तिथि 19/05/2022 व घटना के समय 7:30 बजे सुबह घटनास्थल पर मौजूद नहीं पाया गया.

उक्त तिथि व समय को मध्य विद्यालय महमदपुर बेगुसराय में शिक्षक प्रशिक्षण गतिविधि में सम्मिलित पाया गया. जिसका सत्यापन उपस्थिति पंजी में बनी हुई हाजरी तथा प्रधानाध्यापिका का शपथ पर बयान से साबित हो गया.

निर्दोष साबित होने पर आदेश हुआ निरस्त

और न्यायाधीश के द्वारा यह आदेश पारित किया गया कि मो आबिद उक्त कांड में पूर्णत: निर्दोष है तथा निचले न्यायालय मो आबिद के विरुद्ध सभी कार्रवाही निरस्त करने का आदेश दिया गया.

अब सवाल यह उठता है कि अनुसंधानकर्ता को एफआइआर के अनुसार मोहम्मद आबिद घटना स्थल पर कैसे मौजूद था जबकि उसका कहना था कि वह अपने विद्यालय में था.

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