बेगूसराय में ‘कमर में पिस्तौल’ विवाद पर पुलिस का जवाब, डीएसपी ने बताई वायरल वीडियो की सच्चाई
वायरल वीडियो पर डीएसपी की सफाई
Bihar Crime: बेगूसराय में दो कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद वायरल हुए ‘कमर में पिस्तौल’ वीडियो पर पुलिस ने अपनी सफाई दी है. डीएसपी सुबोध कुमार ने कहा कि वीडियो को भ्रामक तरीके से पेश किया गया और पुलिस आरोपी की कमर से हथियार निकाल रही थी.
Bihar Crime: बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र से टॉप-10 अपराधियों में शामिल दो सगे भाइयों सोनू सिंह और मोनू सिंह की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को लेकर छिड़ा विवाद अब पुलिस की सफाई के बाद नया मोड़ ले चुका है. वायरल वीडियो में एक पुलिसकर्मी आरोपी की कमर के पास पिस्तौल ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है. इसे लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जाने लगा कि पुलिस ने खुद आरोपी की कमर में पिस्तौल खोंसकर उसे हथियार के साथ गिरफ्तार दिखाने की कोशिश की. हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है.
क्या है वायरल वीडियो का मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में गिरफ्तारी के बाद पुलिसकर्मी आरोपी की कमर के पास पिस्तौल ले जाता हुआ दिखाई देता है. इसी वीडियो के आधार पर कई लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और दावा किया कि बरामदगी को दिखाने के लिए हथियार आरोपी की कमर में डाला गया. वीडियो वायरल होने के बाद पूरे दिन इसको लेकर बहस होती रही.
Begusarai News: डीएसपी ने दी सफाई
इस पूरे विवाद पर बेगूसराय के एसडीपीओ (डीएसपी) सुबोध कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा पूरी तरह निराधार और भ्रामक है. उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर हथियार तान दिया था. पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें काबू में लिया और उसी दौरान आरोपी की कमर में मौजूद हथियार को कब्जे में लेने का प्रयास किया गया.
डीएसपी ने कहा, “बिल्कुल ये निराधार और भ्रामक है. पुलिस के ऊपर ही ये अपराधकर्मी गोली तान दिए थे. हमारे जांबाज पदाधिकारी और सिपाही इसको अपने कब्जे में लेकर उससे हथियार बरामद किए. उसी दौरान उनके कमर में जो था, उसको लेने का प्रयास कर रहे थे. उसी दौरान उसको दबोचकर पकड़ा गया. पहले गोली भी चलाया है. इसका आपराधिक इतिहास लंबा है. दोनों भाइयों का दर्जनों आपराधिक इतिहास रहा है. इसके द्वारा सिंडिकेट के रूप में भी अपराध किया गया है. पुलिस न किसी को फंसाती है और न ही किसी को बचाती है.”
दोनों भाइयों पर दर्ज हैं कई मामले
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार सोनू सिंह और मोनू सिंह बलिया थाना के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल हैं. वर्ष 2012 से अब तक दोनों के खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं. हाल के दिनों में भी दोनों पर गांव में गोलीबारी करने का आरोप है.
छापेमारी में हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस को सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी अपने घर पर मौजूद हैं. इसके बाद पुलिस पदाधिकारी रोबिन कुमार दास और गौतम कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर छापेमारी की गई. पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया.
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान मोनू सिंह ने कमर से हथियार निकालने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने तत्काल अपने कब्जे में ले लिया. उसके पास से एक लोडेड कट्टा, चार जिंदा कारतूस, एक खुखरी और 3000 रुपये नकद बरामद हुए. वहीं, सोनू सिंह के पास से पांच कारतूस और एक चाकू बरामद किया गया.
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