45 किमी दूर से बायोमैट्रिक हाजिरी का फरमान, कटोरिया में एएनएम-सीएचओ ने किया काम बंद, सीएचसी में धरना
एएनएम और सीएचओ बायोमेट्रिक हाजिरी के नए नियम का विरोध कर रही हैं. 45 किमी दूर से उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश पर सवाल. स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा असर.
दूरदराज के स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत एएनएम एवं सीएचओ को बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए निर्धारित स्वास्थ्य संस्थान में आने के निर्देश का विरोध शुरू हो गया है. मंगलवार को सभी एएनएम एवं सीएचओ ने कार्य बहिष्कार कर कटोरिया सीएचसी परिसर में धरना दिया और विरोध-प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था उनके तैनाती वाले स्वास्थ्य केंद्र पर ही उपलब्ध कराने की मांग की.
कार्यस्थल पर ही हो बायोमैट्रिक उपस्थिति
इस संबंध में विभिन्न स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर कार्यरत एएनएम एवं सीएचओ ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त आवेदन दिया है. आवेदन में एएनएम ने बताया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में रहकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराती हैं. कई एएनएम के कार्यस्थल मुख्यालय से काफी दूर हैं.
उनका कहना है कि यदि प्रतिदिन बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए दूसरे स्वास्थ्य संस्थान या मुख्यालय आना पड़ेगा, तो नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है. इसलिए जिस स्वास्थ्य केंद्र में कर्मियों की तैनाती है, वहीं बायोमैट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था करने की मांग की गयी है.
45 किलोमीटर तक दूर हैं कुछ स्वास्थ्य केंद्र
प्रदर्शनकारी एएनएम के अनुसार कुछ स्वास्थ्य केंद्र मुख्यालय से करीब 40 से 45 किलोमीटर तक दूर हैं. ऐसे में प्रतिदिन इतनी लंबी दूरी तय कर बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के बाद वापस कार्यस्थल पहुंचना और आवश्यकता पड़ने पर फिर मुख्यालय आना व्यवहारिक रूप से काफी कठिन होगा.
एएनएम ने कहा कि इससे न केवल कार्य का समय प्रभावित होगा, बल्कि आने-जाने में अतिरिक्त समय और खर्च भी करना पड़ेगा. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने वाली कर्मियों के लिए यह व्यवस्था परेशानी का कारण बन सकती है.
उपस्थिति की भाग-दौड़ में प्रभावित हो सकती है स्वास्थ्य सेवा

आवेदन में कहा गया है कि एएनएम का मुख्य दायित्व ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. दूर स्थित केंद्र पर केवल बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बुलाने से उनके कार्यक्षेत्र में रहने का समय कम होगा. इससे ग्रामीणों को मिलने वाली नियमित स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है.
एएनएम एवं सीएचओ ने संबंधित पदाधिकारी से मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए तैनाती वाले स्वास्थ्य केंद्र पर ही बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है.
सामूहिक रूप से रखा अपना पक्ष
प्रदर्शन में एएनएम उमा भारती, नीलम कुमारी, माला कुमारी, किरण कुमारी, मीनू कुमारी, निशा, ब्यूटी, शशिकला, पूजा प्रीतम, नीतू भारती, प्रीति, वीणा कुमारी, कुमारी नूतन, बेबी कुमारी, आशा, पूनम, जूली जस्टिना बेसरा, प्रियंका, रामा, सुजाता, अर्चना, मंजू मुर्मू, काजल, रंभा, कंचन, शिल्पा भारती, इंदु समेत अन्य कर्मी शामिल थीं.
वहीं सीएचओ गणपत लाल, दीपक कुमार, सुधीर कुमार शर्मा, राजेश, विश्वजीत, निशिकांत भारती, नितेश कुमार, पवन कुमार आदि ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया. सभी ने बायोमैट्रिक उपस्थिति को लेकर व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की.
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