चार्जशीट में देरी के कारण शराब तस्कर को बेल, हाइकोर्ट ने कहा- लगता है माफिया और पुलिस के बीच सांठ-गांठ
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 19 Mar 2021 11:10 AM
कांटी थाने में दर्ज शराब के एक मामले में समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं करने तस्कर को जमानत मिल गयी. इस पर गुरुवार को पटना हाइकोर्ट ने मुजफ्फरपुर के वरीय आरक्षी अधीक्षक को आठ अप्रैल को कोर्ट में उपस्थित होकर यह बताने को कहा है कि शराब माफियाओं के खिलाफ अनुसंधान में इतनी शिथिलता क्यों बरती गयी.
पटना/मुजफ्फरपुर. कांटी थाने में दर्ज शराब के एक मामले में समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं करने तस्कर को जमानत मिल गयी. इस पर गुरुवार को पटना हाइकोर्ट ने मुजफ्फरपुर के वरीय आरक्षी अधीक्षक को आठ अप्रैल को कोर्ट में उपस्थित होकर यह बताने को कहा है कि शराब माफियाओं के खिलाफ अनुसंधान में इतनी शिथिलता क्यों बरती गयी.
न्यायाधीश बिरेंद्र कुमार की एकलपीठ ने शराबबंदी कानून के उल्लंघन से जुड़े एक अभियुक्त जितेंद्र राय उर्फ जीतेंद्र यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद यह निर्देश दिया. अभियुक्त की ओर से उसके वकील ने कोर्ट को बताया कि वे जमानत याचिका को वापस लेना चाहते हैं . इस पर कोर्ट ने पूछा कि किस कारण से जमानत याचिका को वापस लिया जा रहा है.
जवाब में वकील ने कहा कि निर्धारित समय के अंदर कोर्ट में पुलिस द्वारा आरोप -पत्र दाखिल नहीं हुआ, जिस कारण अभियुक्त को भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 का लाभ देते हुए निचली अदालत ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया. इस पर अदालत ने तब हैरानी जाहिर की, जब पता चला कि अभियुक्त के खिलाफ शराबबंदी कानून से जुड़े आधे दर्जन मामले हैं.इसके बावजूद पुलिस ने ईमानदारी से अनुसंधान कार्य पूरा नहीं किया.
हालांकि सुनवाई के पूर्व कोर्ट ने डीजीपी से शिकायत की थी कि इस लचीलेपन अनुसंधान को लेकर संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्यवाई करें.डीजीपी ने कारण बताओ नोटिस का जवाब तो दिया,लेकिन असंतुष्ट जाहिर की. इस पर कोर्ट ने कहा कि आखिर यहां क्या हो रहा है. संभवतः माफिया और पुलिस के बीच सांठ-गांठ के कारण ही शराबबंदी कानून का पालन नहीं हो रहा है . इधर एसएसपी ने लापरवाही बरतने पर आइओ के खिलाफ िवभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है.
कांटी थाना के पकड़ी मधुबन निवासी जितेंद्र राय शराब मामले के छह केस में आरोपित है. हालांकि वह जेल में ही बंद है. पुलिस उसके खिलाफ तीन केस में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जबकि 16 अक्तूबर 2019 को उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी 776/19 के आइओ रवि शंकर चौबे ने समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं किया. इस कारण उसे भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 का लाभ मिल गया. इस लापरवाही के कारण आइओ के खिलाफ कार्रवाई तय है.
कांटी थानेदार की सूचना पर जमादार निलेश कुमार ने 16 अक्तूबर 2019 को पकड़ी मधुबन गांव में छापेमारी कर आरोपित के मुर्गी फाॅर्म के बगल से 466 लीटर विदेश शराब जब्त की थी. इस मामले में सगे भाई जितेंद्र व मंगल राय पर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.
Posted by Ashish Jha
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