औरंगाबाद : ओबरा में 13 लाख खर्च फिर भी नहीं पहुंचा नल का जल, कैथी गांव में पानी टंकी बनी शोपीस

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कैथी गांव में नल-जल योजना के तहत बनी पानी की टंकी और पाइप

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बिहार के औरंगाबाद जिले में नल-जल योजना पूरी तरह फेल साबित हो रही है। कैथी गांव में करोड़ों रुपये खर्च के बावजूद ग्रामीणों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। विभागीय उदासीनता के चलते लाखों की लागत वाली पानी की टंकी शोभा की वस्तु बनी हुई है।

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औरंगाबाद जिले के ओबरा प्रखंड के महुआंव पंचायत अंतर्गत कैथी गांव के वार्ड नंबर एक में नल-जल योजना पूरी तरह फेल साबित हो रही है. सरकार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन धरातल पर ग्रामीणों को एक बूंद भी पानी नसीब नहीं हो रहा है. विभागीय उदासीनता के कारण पानी की टंकी गांव में हाथी के दांत की तरह सिर्फ शोभा की वस्तु बनी हुई है.

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शोभा की वस्तु बनी टंकी

स्थानीय ग्रामीण शैलेंद्र शर्मा, परशुराम सिंह, बृजेश सिंह, लवकुश कुमार, कर्मेंद्र राम, बचन वर्मा, रामजी चंद्रवंशी, राजू गुप्ता सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सात निश्चय योजना के तहत गांव में पानी टंकी का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन आज तक वार्ड के लोगों को पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाया. सुध लेने तक कोई जनप्रतिनिधि या पदाधिकारी गांव नहीं पहुंचा.

गली खोदकर छोड़ी गई

ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि लगभग एक माह पूर्व पीएचईडी विभाग द्वारा वार्ड नंबर एक में पाइप तो उपलब्ध कराया गया और गांव की मुख्य गली की खुदाई भी की गई, लेकिन खुदाई के बाद उसे ऐसे ही छोड़ दिया गया.

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पाइपलाइन बिछाने और नल-जल चालू करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई. अधूरी खुदाई के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भी भारी परेशानी हो रही है और पेयजल संकट अलग से झेलना पड़ रहा है. विभाग सिर्फ कागजों पर जांच करता है, धरातल पर कुछ नहीं हो रहा है.

13 लाख की निकासी

बताया जाता है कि पानी टंकी, पाइपलाइन और पेयजल व्यवस्था के लिए लगभग 13 लाख रुपये की निकासी की जा चुकी है, बावजूद इसके ग्रामीण आज भी पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं.

ग्रामीणों ने बताया कि दो माह पूर्व गली खोदकर छोड़ दिए जाने से रोजमर्रा के कार्य बाधित हो रहे हैं. सरकार की योजना सिर्फ दिखावा बनकर रह गई है.

कनीय अभियंता का आश्वासन

इस संबंध में पूछे जाने पर विभाग के कनीय अभियंता (जेई) मोहम्मद आकिब ने बताया कि ग्रामीणों की मांग जायज है. निश्चित रूप से एक सप्ताह के अंदर गांव में पेयजल और नल-जल योजना को प्रारंभ कर दिया जाएगा.

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