औरंगाबाद में परीक्षा देने की जगह नहीं मिली तो फर्श पर बैठे छात्र, पेड़ के नीचे खुले में भी देनी पड़ी परीक्षा

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मलहारा स्कूल में पेड़ के नीचे परीक्षा | Prabhat Khabar Network

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औरंगाबाद के कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण छात्रों को फर्श पर और पेड़ के नीचे बैठकर परीक्षा देनी पड़ रही है. सरकार के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दावों की पोल खुल गई है.

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Aurangabad News : सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण एवं विकसित शिक्षा व्यवस्था के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन औरंगाबाद के हसपुरा प्रखंड के कई विद्यालयों की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है. विद्यालयों में बुनियादी संसाधनों और पर्याप्त कमरों की भारी कमी के कारण छात्र-छात्राओं को फर्श पर बैठकर परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रखंड के कन्या इंटर हाईस्कूल हसपुरा, समता इंटर हाईस्कूल मलहारा और प्लस-टू हाईस्कूल हसपुरा समेत अन्य विद्यालयों में इन दिनों विभिन्न परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं. एक ही समय में नौवीं, दसवीं और ग्यारहवीं कक्षाओं की परीक्षाएं साथ होने के कारण कमरों का संकट और अधिक गहरा गया है. परीक्षा के दौरान सभी विद्यार्थियों की एक साथ उपस्थिति होने के कारण विद्यालय प्रबंधन के पास उन्हें बैठाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं हो पा रही है.

पेड़ के नीचे और फर्श पर बैठकर परीक्षा देने की विवशता

सोमवार को समता इंटर हाईस्कूल मलहारा में परीक्षा की एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने व्यवस्था की पोल खोल दी. यहां छात्र-छात्राएं खुले आसमान के नीचे पेड़ों की छांव में तथा जमीन पर बैठकर परीक्षा देते हुए नजर आए. इसके अलावा, कई विद्यार्थियों को विद्यालय के कमरों के भीतर भी बेंच-डेस्क के अभाव में फर्श पर बैठकर ही परीक्षा देनी पड़ी.

स्थानीय लोगों और अभिभावकों के अनुसार, सामान्य दिनों में भी कमरों की कमी के चलते कई विद्यार्थी नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंच पाते हैं. कई छात्र तो केवल उपस्थिति दर्ज कराने के बाद वापस लौट जाते हैं, लेकिन परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों की संख्या अचानक बढ़ने से विद्यालय प्रबंधन के सामने उन्हें करीने से बैठाने की गंभीर समस्या खड़ी हो जाती है.

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अभिभावकों ने की कमरों की व्यवस्था करने की मांग

विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं और कमरों की इस बदहाली को लेकर अभिभावकों तथा स्थानीय प्रबुद्ध लोगों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से त्वरित हस्तक्षेप करने की मांग की है.

लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द विद्यालयों में अतिरिक्त कमरों का निर्माण कराया जाए, ताकि छात्र-छात्राओं को भविष्य में कभी भी खुले आसमान के नीचे या जमीन पर बैठकर परीक्षा देने जैसी विवशता का सामना न करना पड़े.

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