औरंगाबाद में 1.11 लाख सरकारी प्लॉट का सत्यापन पूरा, DM ने लंबित राजस्व मामलों के निपटारे का दिया निर्देश

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पदाधिकारी के साथ बैठक करतीं डीएम | Prabhat Khabar Network

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औरंगाबाद में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में ऑनलाइन दाखिल-खारिज के 82% और सरकारी भूमि के 95.8% सत्यापन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई, साथ ही सभी सीओ को लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने का सख्त निर्देश दिया गया.

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औरंगाबाद डीएम अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित कार्यों की एक उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिले के सभी अंचलाधिकारी (CO), भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.

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बैठक के दौरान ऑनलाइन दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), जमाबंदी सुधार, सरकारी भूमि का सत्यापन, भूमि संबंधी मामलों के त्वरित निष्पादन और विभिन्न राजस्व सेवाओं की अब तक की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई.

ऑनलाइन दाखिल-खारिज के 82 प्रतिशत मामलों का हुआ निष्पादन

समीक्षा के दौरान जिले में ऑनलाइन दाखिल-खारिज के कुल 16,546 मामलों की अंचलवार स्थिति की गहन समीक्षा की गई. इनमें से 15,571 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका है, जो कुल मामलों का लगभग 82 प्रतिशत है.

जिलाधिकारी ने सभी अंचलों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित मामलों का नियमानुसार और पूरी तरह समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक रूप से कोई भी मामला लंबित नहीं रहना चाहिए.

1.11 लाख से अधिक सरकारी प्लॉट का हुआ सत्यापन

सरकारी भूमि के भौतिक सत्यापन की समीक्षा के दौरान जिले के कुल 1,16,205 प्लॉट की स्थिति की जांच की गई. इनमें से 1,11,302 प्लॉट का सीओ स्तर पर सत्यापन कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है. इस प्रकार सरकारी भूमि सत्यापन की कुल प्रगति 95.8 प्रतिशत दर्ज की गई. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जो भी शेष मामले बचे हैं, उनका सत्यापन कार्य भी जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए.

जमाबंदी सुधार और भूमि मामलों के त्वरित निबटारे का निर्देश

बैठक में जमाबंदी सुधारात्मक विवरण की भी अंचलवार समीक्षा की गई. इसमें नाम, रकबा, विवरण और अन्य प्रविष्टियों से संबंधित लंबित मामलों का त्वरित गति से निष्पादन करने का सख्त निर्देश दिया गया. डीएम ने कहा कि नागरिकों से जुड़े राजस्व अभिलेखों में सुधार के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए.

इसके अलावा, सरकारी भूमि के म्यूटेशन एवं भूमि से जुड़े अन्य मामलों की समीक्षा के दौरान कुल 4,260 मामलों की स्थिति देखी गई. लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के साथ-साथ भूमि अधिग्रहण, भूमि हस्तांतरण और भूमि बंदोबस्ती से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता के साथ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया.

बसैरा-02 अभियान और पोर्टलों पर प्रगति की समीक्षा

  • बसैरा-02 अभियान: इस अभियान की अंचलवार प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि कुल 2,706 सर्वेक्षणों के मुकाबले 1,706 पर्चे अपलोड किए जा चुके हैं. डीएम ने भूमि आवंटन के बाद पर्चा अपलोड करने के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया.
  • भू-समाधान पोर्टल: इस पोर्टल पर प्राप्त कुल 2,609 आवेदनों में से 2,294 मामलों का अंतिम निष्पादन किया जा चुका है. जिलाधिकारी ने शेष प्रक्रियाधीन मामलों को भी शीघ्र निपटाने को कहा.
  • सहयोग शिविर: सहयोग शिविर पोर्टल पर प्राप्त कुल 3,265 आवेदनों में से 3,125 मामलों का सफल निष्पादन हो चुका है, जबकि मात्र 125 मामले ही लंबित हैं.

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बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों और डीसीएलआर को निर्देशित किया कि राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़ी सभी सेवाओं का लाभ आम नागरिकों को पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध तरीके से मिलना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि जिन अंचलों में अधिक मामले लंबित हैं, वहां विशेष ध्यान देकर कार्य में तेजी लाई जाए.

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