औरंगाबाद सदर अस्पताल में मरीजों से भरी लिफ्ट फंसी, 25 मिनट तक अटकी रहीं सांसें

Published by : Suryakant Kumar Updated At : 01 Jun 2026 7:35 PM

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मौके पर लोगों की भीड़

Aurangabad News: औरंगाबाद के सदर अस्पताल के नए जी+9 भवन में सोमवार को एक बड़ा प्रशासनिक घपला और लापरवाही सामने आई. बिजली कटने के कारण अस्पताल की लिफ्ट अचानक फंस गई, जिसमें करीब 5 से 6 मरीज और उनके परिजन 25 मिनट तक कैद रहे.

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Aurangabad News ( औरंगाबाद से सुजीत कुमार सिंह की रिपोर्ट ):
मॉडल अस्पताल के रूप में पहचान पाने वाले सदर अस्पताल औरंगाबाद में व्यवस्थागत खामियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. कभी मरीजों के हंगामे, कभी पॉकेटमारी और कभी अव्यवस्था को लेकर चर्चा में रहने वाला यह अस्पताल सोमवार को एक बार फिर सुर्खियों में आ गया. अस्पताल के नए जी+9 भवन में अचानक लिफ्ट फंस जाने से उसमें सवार मरीजों और उनके परिजनों को करीब 25 मिनट तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. घटना के दौरान लिफ्ट में मौजूद लोगों के बीच भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

बिजली कटते ही अचानक बंद हुई लिफ्ट, मची अफरा-तफरी

मंज़िल दर मंज़िल इलाज के लिए आए पांच से छह मरीज और उनके परिजन भवन के विभिन्न विभागों से वापस लौट रहे थे. लौटने के दौरान लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर पर अचानक रुक गई. उसी समय अस्पताल की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिसके कारण लिफ्ट का संचालन पूरी तरह ठप हो गया. लिफ्ट बंद होते ही अंदर अंधेरा छा गया और उसमें मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई. कुछ लोगों ने मदद के लिए जोर-जोर से आवाज लगानी शुरू कर दी, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई.

25 मिनट तक कैद रहे मरीज, तकनीशियन ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाला बाहर

लिफ्ट में फंसे मरीजों और उनके परिजनों को लगभग 25 मिनट तक अंदर ही दमघोंटू माहौल में रहना पड़ा. बंद जगह में फंस जाने के कारण कई बुजुर्गों और गंभीर मरीजों की हालत बिगड़ने लगी और वे बुरी तरह भयभीत हो गए. घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन सक्रिय हुआ और तत्काल तकनीशियन को बुलाया गया. काफी मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला जा सका और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. बाहर निकलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली.

पहले चौथी मंजिल से गिर चुकी है लिफ्ट, छठे मंजिल से भी गिरने की रही चर्चा

स्थानीय लोगों और अस्पताल कर्मियों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब सदर अस्पताल के नए भवन में लिफ्ट फंसने की गंभीर घटना सामने आई हो. कुछ महीने पहले भी इसी प्रकार की घटना हुई थी, जिससे मरीजों और परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ी थी. उस वक्त लिफ्ट चौथे मंजिल से नीचे गिर गई थी. वैसे सोमवार को भी छठे मंजिल से लिफ्ट गिरने की चर्चा हवा में तैरती रही. बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने भवन की तकनीकी व्यवस्था और रखरखाव पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

लिफ्ट गिरी नहीं, बिजली कटने से फंसी थी: सिविल सर्जन

घटना के संबंध में सिविल सर्जन डॉ कृष्णा कुमार ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण लिफ्ट बीच में रुक गई थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि लिफ्ट गिरी नहीं है, बल्कि तकनीकी कारणों से फंस गई थी. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भवन में कई महत्वपूर्ण विभाग संचालित हो रहे हैं और मरीजों की आवाजाही लगातार बनी रहती है. ऐसे में केवल एक लिफ्ट होने के कारण उस पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है.

निर्माण एजेंसी BMSICL पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल

गौरतलब है कि सदर अस्पताल के नए भवन का निर्माण बीएमएसआईसीएल (BMSICL) के माध्यम से कराया गया है. हालांकि भवन बनने के बाद से ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता और कई तकनीकी खामियों को लेकर सवाल उठते रहे हैं. अभी भी भवन के बहुत से हिस्से पूरी तरह से संचालित नहीं हो सके हैं. निर्माण एजेंसी पर अनियमितता और मनमानी के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है. सोमवार की घटना ने एक बार फिर अस्पताल भवन की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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