औरंगाबाद में संभावित भारी बारिश और बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, आपदा प्रबंधन समिति की बैठक

Author Vinay singh|Edited by Yuvraj Ratan
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संभावित भारी बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट, आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में बनी रणनीति

कार्यक्रम में मौजूद वरीय उपसमाहर्ता रितेश कुमार यादव व अन्य पदाधिकारी

Aurangabad News : संभावित भारी वर्षा और बाढ़ की आशंका के मद्देनजर औरंगाबाद में आपदा प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और बचाव व राहत कार्यों के लिए आवश्यक तैयारियां कर रहा है.

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Aurangabad News : संभावित भारी वर्षा और उससे उत्पन्न होने वाली बाढ़ की आशंका को देखते हुए शनिवार को मदनपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित बहुद्देशीय भवन में आपदा प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता आपदा प्रबंधन नोडल अधिकारी सह वरीय उपसमाहर्ता रितेश कुमार यादव ने की. मौसम विभाग द्वारा 19, 20 और 21 जुलाई को करीब 20 सेंटीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे बाढ़ और जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.

नदी किनारे बसे गांवों की होगी पहचान

बैठक को संबोधित करते हुए वरीय उपसमाहर्ता रितेश कुमार यादव ने कहा कि संभावित आपदा से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. उन्होंने नदी किनारे बसे गांवों तथा जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करने का निर्देश दिया. इसके लिए पंचायत सचिव, विकास मित्र और राजस्व कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से संवेदनशील स्थलों का चिन्हीकरण करने पर भी जोर दिया गया.

हर पंचायत में बनेगी सामाजिक कार्यकर्ताओं की टीम

रितेश कुमार यादव ने प्रत्येक पंचायत में 10 से 12 सामाजिक कार्यकर्ताओं की टीम गठित करने का निर्देश दिया. यह टीम आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में प्रशासन की सहायता करेगी. इसके अलावा जेसीबी, ट्रैक्टर और मोटर पंप जैसे संसाधनों के स्वामियों की सूची मोबाइल नंबर सहित तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका तत्काल उपयोग किया जा सके.

जनप्रतिनिधियों ने बताईं अपने क्षेत्रों की समस्याएं

बैठक के दौरान विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की संभावित समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया. पिपरौरा पंचायत के वार्ड संख्या छह में आहर के कटाव से खतरे की आशंका जताई गई. वहीं बनिया पंचायत के शिवा बिगहा, पड़रावां, अटल बिगहा और काशी बिगहा गांव झरही नदी के किनारे स्थित होने के कारण संवेदनशील बताए गए. मनिका पंचायत में केशहर नदी किनारे स्थित महादलित टोला, दधपी पंचायत के दरभंगा गांव, घोस्ता पंचायत के वार्ड संख्या 13 तथा महुआवा और पिरथु पंचायत के कई क्षेत्रों में जलजमाव से नुकसान की आशंका व्यक्त की गई.

कच्चे मकानों और सुरक्षित स्थलों की होगी पहचान

प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) डॉ. अवतुल्य कुमार आर्य ने कच्चे मकानों को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार करने का निर्देश दिया. उन्होंने ऐसे सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों की पहचान करने को भी कहा, जहां आपदा की स्थिति में लोगों को अस्थायी रूप से ठहराया जा सके.

सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश

अंचलाधिकारी (सीओ) मो. अकबर हुसैन ने बताया कि सभी संबंधित कर्मियों को संभावित नुकसान के आकलन और बचाव उपायों को लेकर पहले ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं. बैठक में प्रखंड स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करेंगे और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.

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