वार्ड 31 में अब भी गांवों जैसी समस्याएं
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :12 Jan 2017 8:25 AM (IST)
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औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद शहर के विकास के लिये नगर पर्षद द्वारा जो खाका तैयार किये गये हैं, उसमें शहर को सुंदर बनाने की कई योजनाएं शामिल हैं, लेकिन यह योजनाएं तभी सफलीभूत मानी जायेगी जब नगर पर्षद क्षेत्र के ग्रामीण इलाके की समस्याएं से मुक्त हो और उनके भी स्वरूप सुंदर दिखे. ऐसे में […]
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औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद शहर के विकास के लिये नगर पर्षद द्वारा जो खाका तैयार किये गये हैं, उसमें शहर को सुंदर बनाने की कई योजनाएं शामिल हैं, लेकिन यह योजनाएं तभी सफलीभूत मानी जायेगी जब नगर पर्षद क्षेत्र के ग्रामीण इलाके की समस्याएं से मुक्त हो और उनके भी स्वरूप सुंदर दिखे.
ऐसे में प्रभात खबर की टीम ने बुधवार को नगर पर्षद के वार्ड नंबर 31 का जायजा लिया. इस दौरान गंगटी गांव व सिन्हा कॉलेज मुहल्ला में जब टीम पहुंची तो वहां की समस्याओं को देख कर यह महसूस हुआ कि इस इलाके में जो विकास होनी चाहिये थी, नहीं हो पायी है. गंगटी की स्थिति यह थी कि आने-जाने वाली सड़क में पौलथिन में कचरा भरकर लोग गड्ढे की भराई कर चुके है.
कचरे से सड़क बनाते हैं मुहल्ले के लोग : यह नजारा शायद पहली बार देखने को मिला था, कि लोग घर से निकलने वाले कचरे को आने-जाने वाली सडक के गड्ढों में भर कर अपना रास्ता बनाते हैं.
दूसरी समस्या यहां यह दिखी कि अधिकांश घरों से निकली नालियों का अभी तक पक्कीकरण नही हुआ है. कुछ घरों की नालियां पक्की है तो उनके उपर से पानी बह रहे हैं. यानी कि न तो नालियां से निकलने वाली पानियों का निकास सही ढंग से किया गया है और न ही नालियो की साफ -सफाई होती है. गांव की आधी से अधिक गलियों में नालियां बहती है , जिससे लोगों को आने जाने में काफी परेशानी होती है. नालियों से निकलने वाले दूर्गंध से लोग इस बात को लेकर भयभीत रहते हैं कि कही बीमारी न फैल जाये.
वैसे नालियो के उपर मच्छरो का जन सैलाब भी उमड़ा हुआ दिखा. यही नही कई जगहो पर तो नालियो के उपर ही लोग अपने पालतू पशु को बांध रखे हैं.
मुख्य सडक का नहीं हुआ पक्कीकरण : तीसरी समस्या यहां यह दिखी कि मुख्य पथ से गांव के भीतर जाने वाले जो रास्ते हैं वे या तो टूट फूट कर बिखरी हुई है या फिर उसका पक्कीकरण नही हुआ है. एक और समस्या यह है कि इस गांव में नगर पर्षद द्वारा प्रकाश की प्रर्याप्त व्यवस्था भी नहीं की गयी है. कुछ ही जगहो पर लाइट लगे हैं, वह भी अब जलते नही हैं.
ग्रामीणो से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि कई वर्ष पहले यहां पर कुछ लाइट लगायी गयी थी, जो अब बेकार पड़े है. शाम होते ही गांव व आसपास का इलाका अंधकार में डूब जाता है. प्रभात खबर की टीम जब सिन्हा कॉलेज इलाके में पहुंची तो वहां की भी स्थिति उसी तरह की दिखी. अनुग्रह नगर मुहल्ला में तो नालियां सडक से उपर बहती हुई दिखायी पड़ी. लोगो में इस बात को लेकर आक्रोश भी था कि इस इलाके में कभी भी सफाई कर्मी नही आते हैं और नाली गली की सफाई नही होती है.
विवाद के कारण नहीं हो सका विकास : बबीता
इस संबंध में जब वार्ड संख्या 31 के वार्ड पार्षद बबिता देवी से पूछा गया कि आपके वार्ड में सड़क, नाली, गली की समस्या इतनी गंभीर क्यो है. इस पर इनका कहना है कि इस गांव के कुछ लोग विवाद खड़ा करते रहे, जिसके कारण सड़क नहीं बन सकी है. जब भी सड़क बनने की बात आती थी, कुछ न कुछ लोग उसमे व्यवधान पैदा करते थे. नाली गली के निर्माण में भी स्थिति यही थी.
लोग अनावश्यक रूप से व्यवधान पैदा कर देते थे. कोई कहता था कि मेरा जमीन है तो कोई कहता था कि इधर से नहीं बनेगा, उधर से बनेगा. इस तरह की तमाम समस्याएं यहां के विकास मे बाधा बनी है, फिर भी मेरा प्रयास है कि चुनाव के पहले नाली गली का पक्कीकरण हो जाये.
विकास का कोई काम नहीं हुआ वार्ड में : विनोद
स्थानीय निवासी विनोद यादव बताते हैं कि वार्ड नंबर 31 में रहने वाले लोग आज भी सपना में देखते हैं कि हमारे इलाके का रास्ता आने-जाने लायक होगा, नाली और गलियां पक्के होंगे, लोगों को मानवीय जीवन जीने का अवसर मिलेगा, इनका आगे कहना था कि इस वार्ड में विकास नाम का कोई भी काम नही हुआ है. नगर पर्षद ने कभी भी इस गांव की सूरत को संवारने के लिये सोचा है. इस इलाके में रहने वाले लोग नगर पर्षद के द्वारा ठगे जाते हैं. केवल टैक्स वसूलना नगर पर्षद का काम है. लोगों की समस्याएं चाहे जो भी हो उनके नजर में कुछ भी नहीं है.
गंगटी के लोग जीते हैं नारकीय जिंदगी: विदेश
गंगटी गांव निवासी विदेश सिंह ने बताया कि यह गांव आज भी सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के गांव जैसा है. कहीं से भी यह नही दिखता कि यह नगर पर्षद क्षेत्र का इलाका है. यहां न तो पीने की पानी की कोई व्यवस्था है और न ही नाली गली बनी है. सफाई कर्मी तो आज तक इस गांव में दिखाई भी नही दियें. गांव वाले खुद ही अपने गली और नाली की सफाई करते हैं.
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