कलेर के जयपुर गांव में वर्षों पुराना रास्ता विवाद सुलझा, SDO और DSP ने कराया समाधान

Author Vikas Jha
Updated:
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मौके पर मौजूद एसडीओ और डीएसपी

मौके पर मौजूद एसडीओ और डीएसपी

Arwal News: अरवल जिले के कलेर प्रखंड अंतर्गत जयपुर गांव में वर्षों से चले आ रहे रास्ता विवाद को प्रशासनिक पहल से सुलझा लिया गया है. एसडीओ और डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से बातचीत की और आपसी सहमति से रास्ता निकालने का समाधान निकाला.

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Arwal News (अंजनी कुमार): अरवल जिले के कलेर प्रखंड क्षेत्र के जयपुर गांव में वर्षों से चले आ रहे रास्ता विवाद को लेकर गुरुवार को अरवल के अनुमंडल पदाधिकारी संजीव कुमार एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार ने मौके पर पहुंचकर मामले का गहन निरीक्षण किया. अधिकारियों ने दोनों पक्षों से आमने-सामने बातचीत कर विवाद के स्थाई समाधान का प्रयास किया. इस सकारात्मक प्रशासनिक पहल के बाद मामला पूरी तरह शांत हो गया और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली.

रैयती भूमि को लेकर था विवाद

जानकारी के अनुसार जयपुर गांव स्थित पिंड के समीप एक भूखंड को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. कुछ ग्रामीण उक्त भूमि में मिट्टी भरकर सार्वजनिक रास्ता बनाना चाहते थे, जबकि भूमि स्वामी का साफ तौर पर कहना था कि वह उनकी निजी रैयती जमीन है, इसलिए वहां सार्वजनिक रास्ता नहीं बनाया जा सकता है. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी तनाव की स्थिति बनी हुई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ संजीव कुमार ने खुद स्थल का निरीक्षण किया.

अंचलाधिकारी ने स्पष्ट की स्थिति

इस संबंध में अंचलाधिकारी सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि जांच के दौरान यह पूरी तरह स्पष्ट हुआ कि जिस भूमि पर रास्ता बनाने की बात हो रही थी, वह वास्तव में रैयती जमीन है. ऐसे में वहां सीधे तौर पर सार्वजनिक रास्ता बनाना संभव नहीं है. निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने संबंधित भू-स्वामी को आवेदन देने का निर्देश देते हुए कहा कि उनके खेत में जो मिट्टी भर गई है, उसे पिंड की ओर स्थानांतरित किया जाए. साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भूमि स्वामी अपनी जमीन की सीमाबंदी स्वयं कर लें.

आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील

सीमाबंदी के बाद पिंड के पास जो भूमि उपलब्ध होगी, उसमें ग्रामीणों की आवश्यकता को देखते हुए कृषि कार्य एवं आवागमन के लिए रास्ता विकसित करने का प्रयास किया जाएगा. एसडीओ के इस व्यावहारिक सुझाव पर दोनों पक्ष पूरी तरह सहमत हो गए, जिसके बाद विवाद शांत हो गया. प्रशासन ने भी ग्रामीणों से आपसी सौहार्द बनाए रखने तथा किसी भी समस्या के समाधान के लिए कानून का सहारा लेने की अपील की. मौके पर एसडीओ संजीव कुमार, डीएसपी संजय कुमार, मेहंदिया थानाध्यक्ष मनोरंजन कुमार सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी एवं ग्रामीण मौजूद थे.

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विकाश झा

लेखक के बारे में

By विकाश झा

विकाश झा प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में छह वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है.

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 2020 में भोपाल से हुई, जिसके बाद उन्होंने ETV Bharat, Bharat Express और News24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न जिम्मेदार भूमिकाओं का निर्वहन किया. News24 से आगे बढ़ते हुए उन्होंने Adglobal360 India Pvt. Ltd. के माध्यम से बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया तथा बिहार सरकार के विभिन्न विभागों की सोशल मीडिया टीमों में भी अपनी सेवाएं दीं.

स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. क्रिकेट के प्रति उनका गहरा लगाव है और वे क्रिकेट को सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अपनी लेखनी का महत्वपूर्ण विषय मानते हैं. उन्हें यात्रा करना, नए लोगों और स्थानों को जानना तथा समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है.

मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले विकाश डिजिटल मीडिया की तेज रफ्तार दुनिया में तथ्यों पर आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने के लिए जाने जाते हैं.

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