अरवल में मछुआरों को मिली सौगात, 3 को आइस बॉक्स वाहन और 15 को मिले जाल

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Arwal News: अरवल में मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा संचालित मछुआ कल्याण योजना के तहत तीन लाभुकों को थ्री व्हीलर आइस बॉक्स सहित वाहन तथा नाव-जाल योजना के तहत 15 लाभुकों को जाल प्रदान किया गया. इससे गांव से बाजार तक ताजी मछली को पहुंचाने में सहुलियत होगी.

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Arwal News: अरवल समाहरणालय परिसर में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा संचालित मछुआ कल्याण योजना के तहत मछुआरों के बीच उपकरणों का वितरण किया गया. इस दौरान मत्स्य परिवहन योजना के अंतर्गत तीन लाभुकों को थ्री व्हीलर आइस बॉक्स सहित वाहन तथा नाव-जाल योजना के तहत 15 लाभुकों को जाल प्रदान किया गया.

ताजी मछली बाजार तक पहुंचने में होगी सहुलियत

कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस एवं उप मत्स्य निदेशक, मगध परिक्षेत्र विपिन ने संयुक्त रूप से लाभुकों को कीट वितरित किया. जिला पदाधिकारी ने कहा कि मछली उत्पादन ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक होने के कारण ताजी मछलियों को बाजार तक पहुंचाने में होने वाली कठिनाइयों में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को भी ताजी मछली उपलब्ध हो सकेगी. उप मत्स्य निदेशक विपिन ने बताया कि जिले में मत्स्य उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं.

एजेंसी के जरिए दिया गया अनुदान राशि

उप मत्स्य निदेशक विपिन ने बताया कि थ्री व्हीलर आइस बॉक्स वाहन की इकाई लागत लगभग 3 लाख रुपये है, जिसमें 50 प्रतिशत यानी 1.5 लाख रुपये अनुदान दिया गया है. वहीं कॉस्ट (फेका) जाल की इकाई लागत 16,700 रुपये है, जिस पर 15,030 रुपये अनुदान प्रदान किया गया है. जिला मत्स्य पदाधिकारी आशुतोष आनंद ने बताया कि चयनित लाभुकों द्वारा उपकरणों की खरीद के लिए एजेंसी का चयन स्वयं किया गया है तथा अनुदान की राशि संबंधित एजेंसी को सीधे भुगतान किए जाने का प्रावधान है. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार, मत्स्य विकास पदाधिकारी आकांक्षा कुमारी, अजय कुमार चौधरी, संतोष कुमार सहित कई अधिकारी, मत्स्य कृषक एवं व्यवसायी उपस्थित रहे.

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निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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