अरवल भाकपा के पूर्व जिला सचिव राजेंद्र सिंह के निधन पर शोक की लहर

राजेंद्र सिंह की फाइल फोटो
अरवल में भाकपा के पूर्व जिला सचिव राजेंद्र सिंह का निधन पटना स्थित उनके आवास पर लंबी बीमारी के बाद हो गया. उनके निधन की खबर से पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर फैल गई.
Arwal News: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) अरवल के पूर्व जिला सचिव राजेंद्र सिंह का निधन पटना स्थित उनके आवास पर हो गया. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पूर्व जिला सचिव के निधन पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा. विभिन्न नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
इन नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में भाकपा जिला सचिव कॉमरेड अरुण कुमार पासवान, सचिव मंडल सदस्य रामचन्द्र पाठक, रामकवाल सिंह, मोइन अंसारी, पूर्व मुखिया मनोज कुमार अकेला, सुशील कुमार, धीरेन्द्र कुमार, जिला परिषद सदस्य दीनानाथ सिंह, पूर्व मुखिया सह पूर्व जिला सचिव लालबहादुर पासवान, सत्यनारायण सिंह, अधिवक्ता शैलेश कुमार, अंचल सचिव पंकज कुमार राय, विकाश कुमार, राकेश कुमार, शिवदत्त सिंह सहित दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता शामिल रहे।
सीपीआई जिला सचिव ने शोक व्यक्त किया
सीपीआई अरवल जिला सचिव अरुण कुमार पासवान ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राजेंद्र सिंह ने अपना पूरा जीवन निष्ठा और समर्पण के साथ पार्टी की सेवा में लगाया. उन्होंने कहा कि उनके निधन से पार्टी ने एक ईमानदार और समर्पित कार्यकर्ता को खो दिया है, जिसकी कमी निकट भविष्य में भर पाना कठिन होगा. स्थानीय नेताओं ने भी उनके निधन को पार्टी और सामाजिक आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति बताया.
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लेखक के बारे में
By निखिल अनुराग
मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.
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