आरा में आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ, भव्य घटयात्रा में उमड़े श्रद्धालु

Updated:
विज्ञापन
श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान का शुभारंभ

कलशयात्रा की तस्वीर

Arrah News : आरा के श्री दिगंबर जैन चंद्रप्रभु मंदिर में आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ भव्य घटयात्रा के साथ हुआ. आचार्य श्री 108 सुलभ सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में आयोजित इस विधान का उद्देश्य गृहस्थ जीवन के पापों का शमन करना है.

विज्ञापन

Arrah News : भगवान महावीर मार्ग स्थित जेल रोड के श्री दिगंबर जैन चंद्रप्रभु मंदिर में श्री मुनिसंघ सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ बुधवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ. कार्यक्रम आचार्य श्री 108 सुलभ सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य तथा ग्वालियर से पधारे प्रतिष्ठाचार्य रविकीर्ति शास्त्री के मंगल निर्देशन में आयोजित किया गया.

भव्य घटयात्रा के साथ हुआ विधान का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल भगवान जिनेंद्र के अभिषेक और पूजन से हुई. इसके बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता में भव्य घटयात्रा निकाली गई. मीडिया प्रभारी निलेश कुमार जैन ने बताया कि बड़ी संख्या में सौभाग्यवती महिलाएं घटयात्रा में शामिल हुईं. घटयात्रा चंद्रप्रभु मंदिर से गाजे-बाजे के साथ निकली और गोपाली चौक होते हुए महाजन टोली नंबर-2 स्थित श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर पहुंची. वहां जल भरने के बाद श्रद्धालु पुनः चंद्रप्रभु मंदिर लौटे.

ध्वजारोहण और मंगल कलश स्थापना के बाद शुरू हुआ सिद्धचक्र विधान

मंदिर पहुंचने के बाद मंडल शुद्धि, ध्वजारोहण, इंद्र प्रतिष्ठा, अंकुरारोपण, मंगलाचरण, अखंड दीप प्रज्ज्वलन और मंगल कलश स्थापना की गई. इसके उपरांत विधिवत श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ.

आचार्य श्री ने बताया विधान का महत्व

आचार्य श्री 108 सुलभ सागर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान गृहस्थ जीवन में किए गए ज्ञात और अज्ञात पापों के शमन का महत्वपूर्ण माध्यम है. इस विधान में नौ परम पदों—अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु, सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चारित्र और तप की सामूहिक आराधना की जाती है. उन्होंने कहा कि इस विधान से जीवन की बाधाओं से मुक्ति मिलती है. साथ ही मैनासुंदरी और राजा श्रीपाल की कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि इस विधान की भक्ति से शारीरिक रोगों और जीवन के अनेक संकटों का निवारण होता है.

सांस्कृतिक कार्यक्रम और साधर्मी वात्सल्य का हुआ आयोजन

विधान के समापन के बाद मंदिर परिसर में साधर्मी वात्सल्य का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया. संध्याकालीन कार्यक्रम में मंगल आरती, गुरुभक्ति, भजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए. इस अवसर पर ब्रह्मचारिणी सुलोचना दीदी, उर्मिला जैन, सुनील जैन, सपना जैन, अनीश जैन, रजनी जैन, अशोक कुमार जैन, अंजू जैन, मंजू जैन, ज्ञानचंद्र जैन, आम्रपाली जैन, अजय जैन, नूपुर जैन, रेणु जैन, शोभा जैन, समता जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु विधान में शामिल हुए.

चार माह तक होंगे धार्मिक आयोजन

श्री मुनिसंघ सेवा समिति के सचिव अजय कुमार जैन ने बताया कि आचार्य श्री 108 सुलभ सागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास इस वर्ष धर्मनगरी आरा में सुनिश्चित हुआ है. उनके सानिध्य में आगामी चार माह तक विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा.

Also Read : रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में जल्द शुरू होगी ICU और वेंटिलेटर सुविधा, विधायक ने बताया ऐतिहासिक सौगात



विज्ञापन
Narendra Prasad Sin

लेखक के बारे में

By Narendra Prasad Sin

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन