करोड़ों खर्च के बाद भी बेकार पड़े आरा नगर निगम के सार्वजनिक यूरिनल, सफाई के अभाव में नहीं मिल रहा लाभ

बंद पड़े शौचालय की तस्वीर
Arrah News : आरा नगर निगम द्वारा शहर में बनाए गए सैकड़ों सार्वजनिक यूरिनल रखरखाव और सफाई के अभाव में अनुपयोगी साबित हो रहे हैं. लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद, ये सुविधाएं लोगों को बुनियादी स्वच्छता से भी वंचित कर रही हैं.
Arrah News : नगर निगम द्वारा शहरवासियों, खासकर महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर के 24 सार्वजनिक स्थानों पर 100 से अधिक सार्वजनिक यूरिनल का निर्माण कराया गया था. इन परियोजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर इसे नगर निगम की बड़ी उपलब्धि बताया गया था. हालांकि, वर्तमान स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है. कई यूरिनल आज तक शुरू नहीं हो सके हैं, जबकि जो चालू हुए हैं, वे भी रखरखाव के अभाव में उपयोग लायक नहीं रह गए हैं. ऐसे में लाखों रुपये की लागत से बनी यह सुविधा लोगों के लिए बेकार साबित हो रही है.
सफाई के अभाव में उपयोग से बाहर हुए यूरिनल
नगर निगम द्वारा बनाए गए अधिकांश यूरिनल में नियमित सफाई नहीं होने के कारण गंदगी का अंबार लगा हुआ है. बदबू और अस्वच्छ माहौल के कारण महिलाएं और अन्य लोग इनका उपयोग करने से बच रहे हैं. लोगों का कहना है कि यदि नियमित सफाई की व्यवस्था होती तो इन सुविधाओं का लाभ मिल सकता था.
सफाई कर्मियों की जिम्मेदारी नहीं की गई तय
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यूरिनल निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन उनकी देखरेख और सफाई के लिए किसी सफाई कर्मी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई. न ही नियमित सफाई की कोई व्यवस्था बनाई गई. परिणामस्वरूप कई यूरिनल कचरा घर में तब्दील हो गए हैं.
पहले बने शौचालय और मूत्रालय भी हैं बदहाल
आरा शहर में पूर्व में बनाए गए सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय भी बदहाल स्थिति में हैं. गंदगी, दुर्गंध और टूट-फूट के कारण लोग उनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं. प्रतिदिन व्यवसाय, बाजार, विश्वविद्यालय, स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, अस्पताल, अदालत और विभिन्न सरकारी-गैर सरकारी कार्यों के लिए बड़ी संख्या में लोग शहर पहुंचते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को भी सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय की सुविधा नहीं मिलने से परेशानी उठानी पड़ती है. महिलाओं को सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है.
एक यूरिनल पर करीब पांच लाख रुपये खर्च करने का था दावा
नगर निगम की योजना के अनुसार प्रत्येक मॉडल यूरिनल पर करीब पांच लाख रुपये खर्च किए गए थे. इनमें महिलाओं के लिए दो और पुरुषों के लिए तीन मूत्रालय, वॉश बेसिन, सुबह-शाम सफाई तथा पानी की उपलब्धता के लिए सबमर्सिबल लगाने की व्यवस्था प्रस्तावित थी. लेकिन अधिकांश स्थानों पर इन सुविधाओं का अभाव देखने को मिल रहा है.
शहर के इन स्थानों पर बनाए गए हैं सार्वजनिक यूरिनल
नगर निगम द्वारा गंगी पुल चौराहा, सिंडिकेट के पास, कटरा मार्केट, मछली मार्केट, बांसटाल मोड़, टमटम पड़ाव चौक, आम्रपाली मार्केट, कचहरी के पास, पुरानी पुलिस लाइन, वी-मार्ट के सामने, मौलाबाग रैन बसेरा, स्टेशन स्थित सरकारी बस स्टैंड के बाहर, कतीरा मोड़, सुधा डेयरी के पास, रेडक्रॉस के सामने, महावीर टोला, शहीद भवन मोड़, महिला कॉलेज के पास, मवेशी अस्पताल के पास, जेल गेट, वलीगंज बकरी बाजार और धरहरा पानी टंकी सहित 24 स्थानों पर सार्वजनिक यूरिनल का निर्माण कराया गया है. हालांकि इनमें से कई सुविधाएं आज भी अपेक्षित उद्देश्य पूरा नहीं कर पा रही हैं.
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