तरारी के स्कूलों में निरीक्षण के दौरान कम मिली छात्र उपस्थिति, कौशडीहरा में तीन शिक्षक अनुपस्थित
विद्यालय का निरीक्षण करते पदाधिकारी
तरारी प्रखंड के स्कूलों में अर्धवार्षिक परीक्षा से पहले निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं. मध्य विद्यालय भदसेरा में केवल 39 बच्चे उपस्थित मिले, जबकि प्राथमिक विद्यालय कौशडीहरा में चार में से तीन शिक्षक अनुपस्थित पाए गए. इस पर अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की और सुधार के निर्देश दिए.
अर्धवार्षिक परीक्षा से पहले शुक्रवार को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी कुंदन कुमार ने मध्य विद्यालय भदसेरा, प्राथमिक विद्यालय कौशडीहरा, मध्य विद्यालय सैदहाँ एवं उच्च विद्यालय सैदहाँ समेत विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया. इस दौरान विद्यालयों में कक्षाओं के संचालन, बच्चों की उपस्थिति, पाठ्यक्रम की प्रगति, गृह कार्य, पाठों के पुनरावृत्ति अभ्यास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की स्थिति का जायजा लिया गया.
भदसेरा में महज 39 बच्चे मिले उपस्थित
मध्य विद्यालय भदसेरा में बच्चों की उपस्थिति काफी कम पायी गयी. विद्यालय में महज 39 बच्चे उपस्थित मिले. इसे गंभीरता से लेते हुए सभी शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापक को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने का निर्देश दिया गया.
निरीक्षण के दौरान विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से उनकी पाठ्य पुस्तकों, गृह कार्य और अब तक पढ़ाये गये अध्यायों के संबंध में जानकारी ली गयी.
कौशडीहरा में तीन शिक्षक मिले अनुपस्थित
प्राथमिक विद्यालय कौशडीहरा में कुल चार शिक्षकों में तीन शिक्षक अनुपस्थित पाये गये. मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी अनुपस्थित शिक्षकों से प्रखंड शिक्षा कार्यालय द्वारा स्पष्टीकरण मांगा गया है. साथ ही अकारण अनुपस्थित रहने पर संबंधित दिन के वेतन में कटौती की कार्रवाई की जायेगी.
विपनडीह में नामांकन बढ़ाने का निर्देश
प्राथमिक विद्यालय विपनडीह में नामांकन कम पाया गया. इस पर प्रधानाध्यापक को नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को विद्यालय से जोड़ने का निर्देश दिया गया.
सैदहाँ में भी कम उपस्थिति पर जतायी चिंता
मध्य विद्यालय सैदहाँ में बच्चों की उपस्थिति अच्छी पायी गयी. बच्चों से बातचीत कर उनके पठन-पाठन की स्थिति की जानकारी ली गयी, जिसमें पढ़ाई संतोषजनक मिली. वहीं, उच्च विद्यालय सैदहाँ में मात्र 14 बच्चे उपस्थित मिले. कम उपस्थिति पर प्रधानाध्यापक को बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
बीईओ ने कहा कि विद्यालय में बच्चे ही नहीं रहेंगे तो पढ़ाई को प्रभावी बनाने का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा.
गृह कार्य और पाठ्यक्रम की भी हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि विद्यालयों में बच्चों को नियमित गृह कार्य दिया जा रहा है या नहीं, गृह कार्य की जांच होती है या नहीं, रूटीन के अनुसार पढ़ाई हो रही है अथवा नहीं और अध्यायवार पाठ्यक्रम पूरा करने की स्थिति क्या है. कमजोर बच्चों के लिए शिक्षकों की ओर से अपनायी जा रही रणनीति एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की भी समीक्षा की गयी.
सभी विद्यालयों के शिक्षकों को प्रतिदिन बच्चों को गृह कार्य देने और उसकी जांच करने के साथ ही अपनी पाठ-टीका भी नियमित रूप से लिखने का निर्देश दिया गया. अर्धवार्षिक परीक्षा को देखते हुए अब तक पढ़ाये गये अध्यायों का पुनरावृत्ति अभ्यास कराने तथा बच्चों को परीक्षा के लिए बेहतर ढंग से तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया.
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