भोजपुर: सरैया बाजार में बाढ़ पीड़ितों का प्रदर्शन, आरा-सरैया मुख्य मार्ग पर दो घंटे बाधित रहा आवागमन

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जलजमाव और राहत सूची के विरोध में सरैया बाजार में सड़क जाम करते बाढ़ पीड़ित। Prabhat Khabar Network

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बड़हरा प्रखंड में बाढ़ का पानी घटने के बाद भी जलजमाव और राहत सूची से नाम काटे जाने से परेशान ग्रामीण सड़कों पर उतर आए. उन्होंने सरैया बाजार में करीब दो घंटे तक चक्का जाम कर प्रदर्शन किया. जल निकासी की स्थायी व्यवस्था और मुआवजा देने की मांग की गई.

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भोजपुर. बड़हरा प्रखंड में बाढ़ का पानी घटने के बाद भी जलजमाव की समस्या से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश बुधवार को सड़क पर उतर आया. जलजमाव और राहत सूची से पात्र बाढ़ पीड़ितों के नाम काटे जाने के विरोध में भाकपा-माले के बैनर तले बाढ़ पीड़ितों ने सरैया बाजार में करीब दो घंटे तक चक्का जाम किया. सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चले जाम के कारण आरा-सरैया मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित रहा. प्रदर्शनकारियों ने जल निकासी की स्थायी व्यवस्था, सभी पात्र बाढ़ पीड़ितों के नाम आपदा सूची में जोड़कर राहत देने और बाढ़ से बर्बाद फसलों का मुआवजा देने की मांग की.

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कई गांवों में अब भी जलजमाव, बीमारी का खतरा

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरैया और पश्चिमी गुंडी पंचायत के झोकीपुर, गलचौर, दयभानपुर, बेला, घेघटा, जगवलिया समेत कई गांवों में अब भी जलजमाव है. लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है. वहीं, कचरा व गंदगी के सड़ने से दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है.

राहत सूची से नाम काटे जाने का लगाया आरोप

माले राज्य स्थायी समिति के सदस्य और आरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी क्यामुद्दीन अंसारी ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में बाढ़ पीड़ितों के नाम राहत सूची से काट दिये गये हैं. उन्होंने सभी वास्तविक प्रभावित परिवारों का नाम सूची में जोड़कर तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की. साथ ही सामुदायिक रसोई और प्लास्टिक किट वितरण में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग भी उठायी.

25 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग

माले नेता विजय यादव ने बाढ़ से बर्बाद फसलों का आकलन कर किसानों को 25 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने की मांग की. इनौस जिलाध्यक्ष विशाल कुमार ने कहा कि बड़हरा के कई गांवों में हर वर्ष बाढ़ के बाद महीनों तक जलजमाव की स्थिति बनी रहती है. उन्होंने कहा कि स्थायी जल निकासी की व्यवस्था होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गयी.

अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ जाम

जाम की सूचना मिलने पर बीडीओ निलेश कुमार और सीओ अंशू प्रशून्न मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों को सुना. प्रदर्शनकारियों ने मांगों से संबंधित ज्ञापन सीओ को सौंपा.

अधिकारियों ने 15 दिनों के अंदर स्थायी जल निकासी की दिशा में पहल करने, तत्काल पंप सेट लगाकर जल निकासी कराने तथा राहत सूची से छूटे बाढ़ पीड़ितों के नाम जोड़कर राहत उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और मुख्य मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सका.

ये लोग रहे शामिल

प्रदर्शन में नंदजी, विष्णु ठाकुर, भोला यादव, दीपक कुमार रवानी, योगेंद्र पासवान, भगवान दास, नागा राम, गणेशी राम, चंद्रावती देवी, लालमुनी देवी, ईसा देवी, रामकुमार राम, दिलीप पासवान, सतेंद्र ठाकुर, अखिलेश महतो, दिनेश कुमार, संजय राम, रूनी कुंवर व मीरा देवी समेत कई लोग शामिल थे.

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